UP: आढ़ती से किया गठजोड़...एडीएम की छापे में खेल खुला तो पीसीयू केंद्र प्रभारी धरा गया
पीलीभीत, अमृत विचार। धान खरीद के बीच पीलीभीत मंडी समिति में आढ़ती और क्रय केंद्र प्रभारी का गठजोड़ उजागर हो गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने मंडी समिति में पीसीयू के क्रय केंद्र पर छापा मारा। आढ़ती सचिन अग्रवाल का भेजा धान क्रय केंद्र पर तौला जा रहा था। केंद्र प्रभारी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। जबकि आढ़ती पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस छापामार कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
मंडी समिति परिसर में लगाए गए पीसीयू के क्रय केंद्रों पर किसानों के बजाए बिचौलियों और आढ़तियों के धान की तौल कराए जाने का शोर मचा हुआ था। किसान अपने धान की तौल कराने के लिए परेशान हो रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही थी। आढ़ती और क्रय केंद्र प्रभारी के बीच की गठजोड़ किसान की परेशानी बढ़ा रही थी। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया ने मंडी समिति में औचक छापामारी की।
इस दौरान पीसीयू के एक क्रय केंद्र पर पहुंच गई। यहां पर धान की तौल चल रही थी। जब तौल कराए जा रहे धान के किसान को लेकर सवाल जवाब किए गए तो गोलमाल की ओर इशारा हो गया। एडीएम ने क्रय केंद्र प्रभारी से भी सख्ती से पूछताछ की। इसके अलावा उसका मोबाइल चेक किया तो आढ़ती और क्रय केंद्र प्रभारी के बीच का गठजोड़ उजागर हो गया। संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी मंडी समिति के आढ़ती सचिन अग्रवाल का भेजा जा रहा धान क्रय केंद्र पर तौल कर रहा था। इससे संबंधित कई साक्ष्य भी मोबाइल में मिले। जिस पर सख्ती अपनाते हुए क्रय केंद्र प्रभारी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
क्रय केंद्र प्रभारी ने भी आढ़ती सचिन अग्रवाल के द्वारा भेजे जा रहे धान की क्रय केंद्र पर तौल कराए जाने की बात स्वीकार की। जिसके बाद एडीएम ने संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, आढ़ती पर भी कार्रवाई करने के निर्देश मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी को निर्देशित किया। इसके अलावा एडीएम ने अन्य क्रय केंद्रों पर भी हालात परखे। डिप्टी आरएमओ वीके शुक्ला, एआर कोऑपरेटिव डॉ.प्रदीप कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। एडीएम ने स्पष्ट कहा कि क्रय केंद्र पर शासन की मंशा के मुताबिक धान की खरीद की जाए। किसान को बेवजह परेशान किया और टालमटोल की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
कुछ संदिग्ध नंबर भी आए रडार पर
आढ़ती और केंद्र प्रभारी का कोई रिलेशन नहीं है। केंद्र प्रभारी का किसान से सीधे रिलेशन है। जो धान मौके पर पाया गया है, वह भी आढ़ती सचिन अग्रवाल के द्वारा ही भेजा गया हुआ था। मोबाइल चेक करने पर आढ़ती और केंद्र प्रभारी के बीच की कई कॉल व चेटिंग भी मिली है। इसके अलावा कुछ महिलाओं से भी विवादित चेटिंग करने की बात निकली है। इसे लेकर भी जांच पड़ताल चल रही है। कुछ संदिग्ध नंबर भी प्रकाश में आए हैं, उनकी भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात है कि आढ़ती से जो भी केंद्र प्रभारी की मोबाइल में चैटिंग मिली है, वह सीधे धान खरीद से ही जुड़ी हुई थी।
आढ़त का लाइसेंस निलंबन करने को प्रक्रिया शुरू
आढ़ती सचिन अग्रवाल के खिलाफ भी मंडी प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंडी सचिव की ओर से आढ़ती सचिन अग्रवाल की आढ़त के लाइसेंस को निलंबित करने के लिए रिपोर्ट बनाकर सिटी मजिस्ट्रेट को भेजी गई है। जिसपर आढ़त का लाइसेंस निलंबित होना तय है। मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी ने बताया कि आढ़त का लाइसेंस निलंबन करने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
आढ़ती पर कार्रवाई से राजनीति भी गरमाई
मंडी समिति में एडीएम की छापेमारी में क्रय केंद्र प्रभारी और आढ़ती के बीच का गठजोड़ उजागर हो चुका है। बताते हैं कि ऐसे अभी कुछ और आढ़ती भी हैं, जिनका सेंटर पर दखल रहता है। उनके क्रय केंद्र होने की भी चर्चाएं मंडी समिति में आम हैं।इधर, सचिन अग्रवाल नगरपालिकाध्यक्ष पीलीभीत डॉ.आस्था अग्रवाल के भाई हैं। हालांकि मामला आढ़त से जुड़ा था, नगरपालिका से नहीं। मगर, छापामारी के बाद सियासत भी गरमाई रही। नगरपालिकाध्यक्ष का कहना है कि उनकी आढ़त पुश्तैनी है। कभी किसी तरह की कोई शिकायत इस संबंध में नहीं हुई। वर्तमान में भाई आढ़त देखते हैं। छापामारी से जुड़ी जानकारी लगी है।
