Sant Kabir Nagar News: धर्म प्रचार के नाम पर पाकिस्तान घूम रहा मदरसा शिक्षक, ब्रिटेन की नागरिकता लेकर जुटा रहा था विदेशी फंड

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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संतकबीरनगर और आजमगढ़ के मदरसे सील, एटीएस जांच में कट्टरवाद फैलाने का खुलासा

लखनऊ, अमृत विचार: संतकबीरनगर का रिटायर्ड मदरसा शिक्षक मौलाना शमशुल हुदा खान ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर वहां से भारत में कट्टरवाद फैलाने में सक्रिय था। एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) की जांच में खुलासा हुआ है कि वह विदेशों से करोड़ों रुपये के फंड जुटाकर संतकबीरनगर और आजमगढ़ में मदरसों के जरिये कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहा था। धर्म प्रचार के नाम पर वह कई बार पाकिस्तान की यात्राएं भी कर चुका है। रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ दोनों जिलों में मुकदमे दर्ज कर मदरसे सील कर दिये गये हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, शमशुल हुदा खान वर्ष 2007-08 से ब्रिटेन में रह रहा था और 2013 में उसने वहां की नागरिकता ले ली थी। इस दौरान वह इस्लामी धर्म प्रचार के नाम पर पाकिस्तान समेत कई देशों की यात्राएं करता रहा। जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान में कई कट्टरपंथी मौलानाओं और संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में था तथा भारत में अपने करीबियों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

एटीएस रिपोर्ट के अनुसार, शमशुल हुदा 1984 में आलिया मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया, मुबारकपुर (आजमगढ़) में सहायक शिक्षक नियुक्त हुआ था। 2007 के बाद भी वह ब्रिटेन में रहते हुए विभाग को धोखे में रखकर 2017 तक वेतन वृद्धि और पेंशन लाभ लेता रहा। जांच में यह भी सामने आया कि वह विदेशों से आने वाले फंड का हिस्सा कमीशन के रूप में अपने पास रखता था।

रविवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, संतकबीरनगर की तहरीर पर उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा आजमगढ़ में भी उसके खिलाफ दो अन्य मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

दो मदरसे और एनजीओ के पंजीकरण रद्द

जांच रिपोर्ट के आधार पर आजमगढ़ और संतकबीरनगर स्थित उसके दोनों मदरसे सील कर दिए गए हैं और उनकी मान्यता भी रद्द कर दी गई है। साथ ही उसके एनजीओ रज़ा फाउंडेशन का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है। एटीएस अब शमशुल हुदा के विदेशी संपर्कों और वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

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