UP: पुलिस की दबिश के दौरान छत से गिरकर बसपा नेता ने मौत...मरने से पहले दिया चौंकाने वाला बयान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

तिलहर, अमृत विचार। पुलिस दबिश के दौरान आंबेडकर गांव मौजमपुर में बसपा नेता की छत से गिरकर मौत हो गई। मौत से पहले बसपा नेता ने वीडियो बयान में कहा कि पुलिस एसआई ने उनके साथ गाली-गलौज की और छत से फेंक दिया। जिससे उनकी कमर टूट गई। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
 
मौजमपुर गांव निवासी सत्यभान सिंह (50) बसपा के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन 3 के प्रभारी थे। परिवार में पत्नी और तीन बेटे हैं कुलदीप, अभिषेक और अनमोल। अभिषेक के खिलाफ 22 अगस्त को पड़ोसी से विवाद के बाद पुलिस ने धारा 307 में मुकदमा दर्ज किया था। परिवार का आरोप है कि विवाद में अभिषेक पर झूठा केस लगाकर पुलिस लगातार दबाव बना रही थी।

परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात पुलिस की एक टीम घर पर दबिश देने पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया और छत पर जाकर सत्यभान सिंह के साथ हाथापाई की। इसके बाद उन्हें छत से नीचे फेंक दिया गया। 

घायल सत्यभान सिंह को सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के बड़े बेटे कुलदीप ने कहा कि दरोगा राहुल सिसोदिया ने उनके पिता से गाली-गलौज की और छत से धक्का दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दरोगा ने केस से नाम निकालने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी। रुपया न देने पर उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। 

मरने से पहले सत्यभान सिंह ने एक वीडियो संदेश में कहा, “दरोगा राहुल सिसोदिया ने मुझे गंदी-गंदी गालियां दीं और धक्का दे दिया, मेरी कमर टूट गई, सभी लोग मेरी मदद करना”। घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार सुबह बसपा जिलाध्यक्ष उदवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस मामले में एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि पुलिस टीम हत्या के प्रयास के आरोपी को पकड़ने गई थी। घटना की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया है, और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

संबंधित समाचार