अलीगढ़ में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर उठाया सवाल, रोक लगाने की मांग
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अलीगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में चार नवम्बर से विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू कराई है। आयोग के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया 2003 की मतदाता सूची के आधार पर कराई जानी है। लेकिन अलीगढ़ की 76-अलीगढ़ विधानसभा सीट में 2003 की मतदाता सूची निर्वाचन आयोग की वेबसाइट, जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा बी.एल.ओ. (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास उपलब्ध नहीं है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने 2003 की जगह 2002 की मतदाता सूची से एस आई आर की प्रक्रिया शुरू करा दी है, जो आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है। ज्ञापन में कहा गया है कि करीब 150 पोलिंग स्टेशनों के बी.एल.ओ. के पास 2002 की मतदाता सूची भी नहीं है, जिससे मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर गड़बड़ी की आशंका है।
सपा का कहना है कि अगर 2003 की सूची के बिना एस.आई.आर. प्रक्रिया जारी रही तो बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से डिलीट हो सकते हैं, जिससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी और निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता व निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। उन्होने मांग की है कि जब तक 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक एस.आई.आर. प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मतदाता सूची में हेराफेरी या वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए तो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा, जिसके गंभीर परिणाम होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह ज्ञापन के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र और राधेश्याम सिंह ने सौंपा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी तरह की मनमानी या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
