दिल्ली धमाका केस : ATS की हिरासत में मो. आरिफ, नीट सुपर स्पेशियलिटी एग्जाम में ऑल इंडिया हासिल की थी 1008 रैंक, SGPGI में नहीं लिया था प्रवेश
कानपुर। नीट सुपर स्पेशियलिटी एग्जाम में ऑल इंडिया 1008 रैंक आने पर डॉ. मो.आरिफ को पहली काउंसलिंग में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े संस्थान एसपीजीआई में प्रवेश मिला था, लेकिन उन्होंने एसपीजीआई में ज्वाइन नहीं किया था। लेकिन जब दूसरी काउंसलिंग हुई तो उन्होंने बीते चार माह पहले एलपीएस कार्डियोलॉजी संस्थान में ज्वाइन कर लिया था। उसके बाद उन्होंने अशोक नगर में फ्लैट लिया। यह जगह उनको महफूस लगी और वह अपने परिचित के लोगों से वार्ता करते थे।
बम धमाके से दिल्ली को दहलाने वाले अतांकियों के तार कानपुर से जुड़े हैं, इसलिए जिले में खुफिया एजेंसिया काफी सक्रिय है। खुफिया एजेसियों ने दिल्ली बम धमाके में शामिल जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्रवक्ता डॉ.शाहीन के संपर्क में रहने वाले एलपीएस कार्डियोलॉजी के डीएम प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. मो.आरिफ को बुधवार गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी गुरुवार को होने पर कार्डियोलॉजी संस्थान में प्रोफेसर व वरिष्ठ डॉक्टरों के बीच हड़कंप जैसा महौल रहा।
कार्डियोलॉजी संस्थान में मीडिया प्रभारी डॉ.अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि डॉ.आरिफ जम्मू-कश्मीर के खगूर सदीवारा के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई श्रीनगर में स्थित मेडिकल कॉलेज से पूरी की थी। नीट सुपर स्पेशियलिटी एग्जाम में ऑल इंडिया 1008 रैंक आने पर उन्होंने डीएम कोर्स के लिए कार्डियोलॉजी संस्थान में डीएम कार्डियोलॉजी कोर्स के लिए ज्वाइन किया था। यह कोर्स तीन वर्ष का होता है।
पहली काउंसलिंग में उन्हें एसजीपीजीआई लखनऊ में तैनाती मिली थी, लेकिन उन्होंने वहां पर ज्वाइनिंग नहीं की थी। जब दूसरी काउंसलिंग हुई तो उन्होंने तब कानपुर चुना। हालांकि, उन्होंने कानपुर ही क्यों चुना था, इसपर मो.आरिफ ने अपने सहयोगियों और स्टाफ से कभी चर्चा नहीं थी। लेकिन अब डॉक्टर के इस फैसले पर कई प्रकार की चर्चाएं हो रही है।
राष्ट्रीय स्तर की संस्था छोड़कर एक राज्य स्तरीय सरकारी मेडिकल कॉलेज चुनना असामान्य और तगड़ी प्लानिंग का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, अशोक नगर स्थित डॉ.आरिफ के फ्लैट में बगल में रहने वाले डॉ.अभिषेक ने बताया कि डॉ.आरिफ अपने से मतलब रखते थे।
जम्मू-कश्मीर के चार और छात्र हैं अभी अध्ययनरत
कार्डियोलॉजी संस्थान में मीडिया प्रभारी डॉ.अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि संस्थान में सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, बिहार समेत अन्य प्रदेशों के छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए प्रवेश लेते हैं, जिनका चयन नीट व नीट सुपर स्पेशियलिटी एग्जाम के जरिए होता है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर से भी चार और छात्र वर्तमान में अध्ययनरत् है। हालांकि, अभी इन चारों छात्रों से खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ के संबंध में जानकारी नहीं है। फिलहाल संस्थान ने अपने स्तर से पूछताछ की योजना बनाई है। क्योंकि कुछ का मानना है कि हर कोई डॉ.शाहीन या डॉ.आरिफ की तरह नहीं हो सकता है।
