अखिलेश यादव का आरोप- भाजपा ने महिलाओं को रुपये देकर वोट खरीदने की कोशिश की

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Edited By Amrit Vichar
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बेंगलुरु। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा बिहार और अन्य राज्यों में महिलाओं को 10,000 रुपये देने की योजना की आलोचना करते हुए उसे वास्तविक विकास के साधन की बजाय एक चुनावी हथकंडा बताया।

अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह योजना पारिवारिक स्थिरता और दीर्घकालिक कल्याण जैसे बुनियादी मुद्दों का समाधान नहीं करती। भले ही भाजपा यह दावा करे कि इस योजना के कारण महिला मतदाताओं का उसे पर्याप्त समर्थन मिला है। 

उन्होंने कहा, "वे दावा करते हैं कि उन्हें महिला मतदाताओं से पर्याप्त समर्थन मिला है लेकिन सिर्फ कल्याणकारी उपाय ही सरकार के सम्मान और स्थिर पारिवारिक संरचना सुनिश्चित करने के कर्तव्य की जगह नहीं ले सकते और 10,000 रुपये उन्हें सम्मानजनक जीवन नहीं दे सकते।"

उन्होंने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों को छोड़कर काम की तलाश में पलायन करते हैं और इस तरह की योजनाएं परिवारों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं करतीं। अखिलेश यादव ने कहा, "वोट के लिए पैसा देना आसान है। नागरिकों के लिए एक स्थायी और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना असली चुनौती है।"

सपा प्रमुख ने क्षेत्रीय दलों के लिए वोट बटोरने की इस रणनीति की बजाय जमीनी स्तर पर जुड़ाव और दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। गौरतलब है कि अखिलेश यादव की यह टिप्पणी 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले आई है, जो सपा की भाजपा की संगठनात्मक ताकत को चुनौती देने और उसके कल्याणकारी उपायों की स्थिरता पर सवाल उठाने की मंशा का संकेत देती है।  

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