धान खरीद : सरकारी रेट पर नहीं बिक रहा धान, यहां खुलेआम धांधली से किसान परेशान

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। सरकार भले ही किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। तहसील गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र में स्थापित धान क्रय केंद्रों का हाल किसानों को मायूस कर रहा है। रोशननगर सहकारी समिति में लगाए गए बी-पैड धान खरीद केंद्र पर तो स्थिति बेहद गंभीर और संदिग्ध पाई जा रही है।

तहसील गोला क्षेत्र के गांव रोशननगर के किसान संजय कुमार का कहना है कि केंद्र पर न तो कोई बैनर लगा है और न ही सरकारी खरीद की कोई प्रक्रिया सही ढंग से चल रही है। कई किसानों ने दावा किया कि केंद्र पर धान की तौल बिल्कुल नहीं हो रही है। इसके बावजूद कागजों में भारी मात्रा में खरीद दिखाकर धांधली की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार जब एक किसान अपना धान लेकर केंद्र पहुंचा, तो सहकारी समिति के केंद्र प्रभारी दीप सिंह यादव ने उसे धान की तौल के लिए सीधे गोला की एक राइस मिल भेज दिया।

कहा गया कि इस केंद्र की तौल वहीं होती है। किसान मजबूरी में धान लेकर राइस मिल गया भी, लेकिन वहां न तो सरकारी मूल्य दिया गया और न ही केंद्र द्वारा कोई प्रमाण पत्र जारी किया गया। किसान का आरोप है कि केंद्र और राइस मिल के बीच गहरी सेटिंग कर अवैध खरीद-फरोख्त का खेल खेला जा रहा है। धान सस्ते दामों पर उठाया जा रहा है, जबकि सरकारी रेट पर खरीद का दावा कागजों में पूरा दिखाया जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकारी राजस्व को हानि हो रही है, बल्कि किसान भी पूरी तरह ठगा जा रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से किसान सरकारी रेट पर धान बेचने की उम्मीद लिए केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर जगह उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रोशननगर सहकारी समिति के धान खरीद केंद्र की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। केंद्र प्रभारी से लेकर मिल संचालकों तक सभी की भूमिकाओं की जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रहा यह बड़ा खेल बंद हो सके। डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जांच कराएंगे और यदि कोई भी दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।

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