कर्नाटक विधान परिषद में सदन की मर्यादा तार-तार, उप सभापति को खींचकर आसन से उतारा
बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ और अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई जब उप सभापति एस एल धर्मे गौड़ा को सभापति के आसन से खींचकर उतारा गया। इसके बाद बिना किसी कामकाज के सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले विधान परिषद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के …
बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ और अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई जब उप सभापति एस एल धर्मे गौड़ा को सभापति के आसन से खींचकर उतारा गया। इसके बाद बिना किसी कामकाज के सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले विधान परिषद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए 10 दिसंबर को स्थगित की गई थी।
सरकार ने सभापति के. प्रताप चंद्र शेट्टी पर अप्रत्याशित रूप से सत्र को स्थगित करने का आरोप लगाते हुए आज एक दिन के लिए विधान परिषद का सत्र बुलाया था। भाजपा द्वारा शेट्टी के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आज के एजेंडे में शामिल नहीं था। इससे पहले सभापति ने इस प्रस्ताव को प्रक्रिया में त्रुटि के आधार पर खारिज कर दिया था और तभी से भाजपा के सदस्य इसे पेश करने की मांग कर रहे हैं।
विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही गौड़ा सभापति के आसन पर बैठ गए जिससे कांग्रेस के सदस्य नाराज हो गए और उन्होंने आसन के पास जाकर गौड़ा से आसन से हटने को कहा। इसके बाद भाजपा और जद (एस) के सदस्य गौड़ा की सुरक्षा में आकर खड़े हो गए। कुछ कांग्रेस नेता उस दरवाजे को जबरदस्ती खोलने की कोशिश करते दिखाई दिए जिससे सभापति भीतर आते हैं। कांग्रेस सदस्यों का कहना था कि भाजपा ने दरवाजा इसलिए बंद कर दिया है ताकि शेट्टी भीतर न आ सकें।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने सभापति के आने से पहले ही गौड़ा की मदद से कार्यवाही शुरू कर दी है ताकि शेट्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सके जिसे पहले खारिज कर दिया गया था। एम नारायणस्वामी समेत कुछ कांग्रेस सदस्य, उप सभापति को आसन से खींचकर उतारते दिखाई दिए।
इस दौरान विधान परिषद के कई सदस्य और मार्शल भी धक्कामुक्की के शिकार हुए। कांग्रेस के एक सदस्य सभापति के आसन पर बैठने में कामयाब हो गए। भाजपा और जद (एस) के कई सदस्यों ने इस पर आपत्ति दर्ज की। कुछ देर बाद सभापति प्रताप चंद्र शेट्टी सदन में आए और आसन की ओर जाने लगे तभी उप मुख्यमंत्री सी एन अश्वथ नारायण ने उन्हें आसन पर बैठने से रोका। इसके बाद शेट्टी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
