55 करोड़ से शहर की खस्ताहाल सड़कें बनेंगी, 47.91 अरब का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पास

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : डेढ महीने से नगर आयुक्त और महापौर के बीच अधिकारों की लड़ाई के बाद मंगलवार को आयोजित कार्यकारिणी बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 47.91 अरब का पुनरीक्षित बजट पास हो गया। महापौर की अध्यक्षता में नगर निगम मुख्यालय के राजकुमार सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से पुनरीक्षित बजट पर मुहर लगा दी। बजट में 55 करोड़ से शहर की नई सड़कें बनाई जाएंगी और खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत की जाएगी। मूल बजट में लगभग 4 अरब की बढ़ोत्तरी की गई है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि डेढ़ महीने के भीतर खराब सड़कें सही करने की डेडलाइन तय कर दी गई है।

20 करोड़ से ढ़के जाएंगे खुले नाले

महापौर और नगर आयुक्त ने बताया कि नाला, पुलिया और क्रासिंग के लिए बजट बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया गया है। इसके लिए अभी तक केवल 20 लाख का बजट था, जिससे खुले नाले ढ़कने और पुलिया मरम्मत का कार्य नहीं हो पा रहा था। बेसहारा गायों के रखरखाव के लिए भी 8 करोड़ रुपये बजट बढ़ाया गया है। खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने के लिए 2 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने और पार्को के रखरखाव के लिए भी बजट बढ़ाया गया है।

नहीं बढ़ेगा पार्षद कोटा

कार्यकारिणी सदस्यों ने महापौर और नगर आयुक्त के सामने वार्ड विकास निधि बढाने का प्रस्ताव लाने को कहा। इस पर नगर आयुक्त ने साफ मना करते हुए अगले वित्तीय वर्ष में विचार करने का आश्वासन दिया। कार्यकारिणी सदस्यों का कहना था कि मौजूदा समय में वार्ड विकास निधि जीएसटी जोड़कर 2 करोड़ 10 लाख रुपये मिल रही है। जीएसटी काटकर यह रकम महज 1 करोड़ 88 लाख रुपये होती है।

मोहल्ले की खराब सड़क की करवा सकते हैं मरम्मत

कोई भी व्यक्ति अपने मोहल्ले की खराब सड़क बनवा सकते हैं। इसके लिए नगर निगम को सड़क की फोटो और कालोनी के निवासियों का प्रार्थना पत्र लिखकर सम्बंधित जोन के अधिशासीअभियंता को देना होगा। इसके अलावा वार्ड के पार्षद को भी पत्र दिया जा सकता है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि यदि कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है तो सीधे नगर आयुक्त कार्यालय में आकर आवेदन दिया जा सकता है। संबंधित जोन के अधिकारी से रिपोर्ट लेने के बाद सड़क के लिए बजट को मंजूरी दी जाएगी।

इन मदों में बजट बढ़ाया

- न्यायालय, विधानसभा, विधान परिषद की समितियों व शासन के निर्देश पर कराए जाने वाले कार्यों का बजट 5 से बढ़ाकर 12 करोड़।
- नगर निगम की जमीनों के सर्वे और सुरक्षित करने का बजट 2 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़।

- ट्रैफिक सुधार के कार्यों बजट 50 लाख से बढ़ाकर 3 करोड़।
- सड़कों की मरम्मत का बजट 271 करोड़ से बढ़ाकर 362 करोड़।

- भवन निर्माण का बजट 10 लाख से बढ़ाकर 2.10 करोड़।
- पार्कों के रखरखाव का बजट 35 करोड़ से बढ़ाकर 42 करोड़।

- नई सड़क निर्माण का बजट 05 करोड़ से बढ़ाकर 7 करोड़।
- डीजल पेट्रोल खर्च 20 करोड़ से बढ़ाकर 32 करोड़ रुपये।

- शौचालय मरम्मत खर्च का बजट 10 लाख से बढ़ाकर 1.50 करोड़।
- स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत व नई लगाने का बजट 5 करोड़ से बढ़ाकर 7 करोड़।

-कल्याण मंडप रखरखाव का खर्च 1 करोड़ से 1.50 करोड़।
- औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्यों पर खर्च 4 करोड़ से 5 करोड़।

जलकल अब अपने बजट से कठौता व अन्य झीलों की कराएगा सफाई

नगर आयुक्त ने बताया कि कार्यकारिणी की बैठक में जलकल को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। अब जलकल विभाग से जुड़े कठौता और अन्य झीलों के लिए नगर निगम कोई पैसा नहीं देगा। इसके लिए जलकल को अपने बजट में 12 करोड़ रुपये का प्रावधान रखना होगा। जलकल अपने बजट से अब झीलों की साफ-सफाई करेगा।
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जलकल का 146 लाख का पुनरीक्षित बजट पास
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि जलकल विभाग के 44,593.30 लाख के आय व 45,939.57 लाख रुपये के व्यय का पुनरीक्षित बजट पास किया गया। इस तरह से जलकल विभाग के 145.83 लाख लाख रुपये के लाभ का पुनरीक्षित बजट को पास किया गया है। महाप्रबंधक जलकल कुलदीप सिंह ने बताया कि बजट में राजस्व लेखा से 34893.40 लाख रुपये व पूंजी लेखा 11192.00 लाख रुपये शामिल है। इस तरह से कुल चार सौ साठ करोड़ पचासी लाख चालीस हजार रुपये की आय हुई जिसमें प्रारंभिक अवशेष शामिल है। वहीं अधिष्ठान, विद्युत एवं ऊर्जा, पूर्तियां एवं रसायन, सामान्य मरम्मत, अन्य, उपकर व पूंजीगत आदि पर खर्च किए जाने के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। सबमर्सिबल मरम्मत व रिबोर में अतिरिक्त खर्च होने के चलते पुनरीक्षित बजट में 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसी तरह गऊघाट, बालागंज, व तृतीय जलकल कठौता जलकल के लिए बजट में चार करोड़ रुपये व नलकूपों के लिए मोटर पंप व स्टार्टर मरम्मत आदि के लिए 3.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कठौता झील की सफाई जल निगम से नहीं कराई जाएगी। अब खुद जलकल विभाग सफाई करेगा। इसके लिए बजट में 12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा विद्युत सामग्री के लिए 3.20 करोड़, स्टोर सामग्री के लिए 4 करोड़, पाइप व फिटिंग के लिए 3.50 करोड़, ब्लीचिंग पाउडर व हाइपरक्लोराइड के लिए 3.52 करोड़ तथा तरल क्लोरीन व आपरेशन के लिए 94 लाख रुपये पास किए गए हैं।

 

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