रामपुर : दो पैन कार्ड मामले में सजा के खिलाफ सेशन कोर्ट पहुंचे आजम खां
अधिवक्ता के माध्यम से सेशन कोर्ट में दाखिल किया प्रार्थना
रामपुर, अमृत विचार। दो पैनकार्ड मामले में सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला आजम खां ने सजा के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है। अब इस मामले में 25 नवंबर को सुनवाई होगी।
दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में भाजपा के शहर विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 छह साल पहले सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। असत्य एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पैन कार्ड बनवाया गया। उसके बाद उसका उपयोग में भी लाया गया था। एक पैन कार्ड में जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 है। दूसरे में जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज है। पुलिस ने जांच पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। सोमवार को आजम खां और उनके बेटे को सात-सात साल की सजा के साथ 50 हजार का जुर्माना किया था। पुलिस कस्टडी में दोनों जिला कारागार में चले गए थे। बुधवार को आजम खां और उनके बेटे ने अधिवक्ता के माध्यम से सजा के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की है। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने बताया कि सजा के खिलाफ कोर्ट में अपील की है। अब इस मामले में 25 नवंबर को होगी। इसके अलावा गवाह को धमकाने के मामले में भी सुनवाई हुई।
जेल मेन्यू के हिसाब से आजम-अब्दुल्ला को दी जाएं सुविधाएं
सोमवार को दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात साल की सजा सुनाई है। इसके बाद आजम की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उनके पति आजम खां बीमार रहते हैं। उनको रामपुर जिला कारागार में ही बेटे के साथ ही रहने दिया जाए, ताकि वह बीमार होने पर उनकी देखभाल करे। जिसमें कोर्ट ने बुधवार शाम को इसका निस्तारण करते हुए कहा कि जेल मेन्यू के हिसाब से दोनों को सुविधाएं दी जाए। कोर्ट की अनुमति के बिना उनको दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं किया जाए। जेल स्थानांतरण को लेकर जेल प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
आज कोई नहीं पहुंचा मिलने
सोमवार को आजम खां जेल चले गए। मंगलवार को कुछ लोगों ने उनसे मुलाकात की थी, हालांकि बुधवार को उनसे मिलने कोई नहीं पहुंचा। आजम खां के घर पर सन्नाटा पसरा रहा। आजम और उनके बेटे दोनों एक साधारण कैदी की तरह जेल में हैं।
