महंगी बिजली दरों से राहत देने के बाद आपूर्ति की स्थिति भी सुधारेगी सरकार, अधिकारियों को क्वालिटी लाने की दी हिदायत
उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ी तो जवाबदेही होगी तय फिर सख्त कार्रवाई
लखनऊ, अमृत विचार: राज्य सरकार महंगी बिजली दरों से राहत देने के बीच आपूर्ति की स्थिति भी सुधारने जा रही है। विभागीय अधिकारियों को बिजली आपूर्ति में ‘क्वालिटी कंट्रोल’ की हिदायत दी गई है। इसके बावजूद भी अगर उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ीं तो न केवल अफसरों की जवाबदेही तय होगी बल्कि दोषी पाए जाने पर उनपर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
इससे पूर्व राज्य सरकार के लगातार छठवें साल बिजली दरें न बढ़ने के फैसले से प्रदेश के साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं को राहत मिली है। बिजली दरें बढ़ाने को लेकर पावर कॉरपोरेशन की तरफ से नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन नियामक आयोग ने उत्तर प्रदेश में बिजली दरें न बढ़ाने का निर्णय लिया। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए छह साल पहले वाली बिजली की जो दरें तय हैं उन्हीं से बिल का भुगतान करना होगा।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि जनता के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से स्पष्ट है कि सरकार उपभोक्ता सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। ऊर्जा विभाग की पूरी टीम उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने और पारदर्शी तरीके से कार्य करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आने वाले सालों में भी सरकार ऐसे निर्णय लेती रहेगी जो आम जनता के हित में हों। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बिजली आपूर्ति और सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार लाएं।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई नई परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति में निरंतर सुधार हो रहा है और शहरी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है।
