स्पेशल सेल तैयार करने में जुटी थी शाहीन... ATS की रडार पर ‘बी टीम’, दो शहरों के एचओडी की तलाश तेज

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: दिल्ली बम धमाके की मास्टरमाइंड डॉ. शाहीन यूपी में स्पेशल 26 मॉडल पर काम कर रही थी। शाहीन की गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों ने निगरानी तेज कर दी है। शाहीन की मुख्य टीम के साथ-साथ उसकी ‘बी टीम’ भी एटीएस की रडार पर है। इस बी टीम के तहत कुल पांच यूनिट्स तैयार की जानी थीं। जिनमें हर यूनिट में पांच-पांच डॉक्टर्स को शामिल किया जाना था। हर टीम के लीडर को ‘एचओडी’ यानी ‘हेड ऑफ डिपार्टमेंट’का कोड दिया जाता था।

कानपुर में आरिफ, लखनऊ में परवेज और सहारनपुर में आदिल को शाहीन पहले ही एचओडी नियुक्त कर चुकी थी। अभी दो और शहरों में एचओडी बनाए जाने थे, जिनके नाम पता करने में एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं। योजना के मुताबिक, शाहीन केवल एचओडी से ही संपर्क रखती थी। टीम के अन्य चार सदस्यों से वह सीधे संपर्क में नहीं रहती थी। इतना ही नहीं, अलग-अलग टीम के सदस्य एक-दूसरे के बारे में कुछ नहीं जानते थे। यही कारण है कि किसी एक टीम पर कार्रवाई होने पर बाकी टीमें सुरक्षित रहतीं। एक तरह से यह पूरा नेटवर्क ‘स्लीपर सेल’पैटर्न पर आधारित था।

एक रुपये के कोड को डीकोड कर रही एजेंसी

जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध अकाउंट्स में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बेहद सीमित किए गए। लेकिन बड़े अमाउंट वाले लेन-देन में एक खास पैटर्न लगातार देखने को मिला। 1,00,001 रुपये, 2,00,001 रुपये जैसे ट्रांसफर हर महीने की 25 से 28 तारीख के बीच किए जाते रहे। सूत्रों का मानना है कि ट्रांजेक्शन में “1 रुपये अतिरिक्त जोड़ना” किसी विशेष संदेश या कोड का हिस्सा हो सकता है। एजेंसियां इस एंगल पर भी जांच कर रही हैं। डॉ. शाहीन, डॉ. आदिल, डॉ. आरिफ और डॉ. परवेज के बैंक खातों की गहन छानबीन में बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले सात वर्षों में इन खातों में 40 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है। कई खातों में लगातार छोटे-छोटे अमाउंट आते-जाते रहे। कुछ खातों में हर हफ्ते 2 से 3 बार 20,000 से 25,000 रुपये तक निकाले जाते रहे। वहीं कुछ खातों में हर 15 दिन पर राशि जमा की जाती और अगले ही दिन निकाल ली जाती थी। 6 नवंबर को कई खातों से एक साथ लाखों रुपये निकाले जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा, 2021 के बाद से कुछ संदिग्ध अकाउंट पूरी तरह निष्क्रिय पाए गए।

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