अल्ट्रासाउंड मशीनें लगवाने के लिए लिखा पत्र: राजधानी के 6 CHC पर लगनी हैं मशीनें, मरीजों को करना पड़ता हैं दिक्कतों का सामना
लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में नई अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने की मांग लंबे समय से लंबित पड़ी है। सीएमओ कार्यालय द्वारा कई बार पत्राचार किए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
सीएमओ की ओर से एक बार फिर चंद्र नगर आलमबाग, नवल किशोर रोड हजरतगंज, रेडक्रॉस कैसरबाग, अलीगंज, गोसाईंगंज और चिनहट सीएचसी के लिए नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की मांग की गई है। यहां लगी पुरानी मिनड्रे डीसी-3 मशीनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और उपयोग के लायक नहीं बची हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने से गर्भवतियों सहित सामान्य मरीजों को रोजाना काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उधर, एनएचएम की ई-वाउचर सेवा भी कई महीनों से अव्यवस्थित है। कहीं वाउचर जनरेट नहीं हो रहे, तो कहीं प्रक्रिया अधर में लटकी है। परिणामस्वरूप गर्भवती महिलाएँ दूसरे सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं या फिर निजी केंद्रों पर अधिक शुल्क देकर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाध्य हैं।
माननीयों से भी उम्मीद
सीएमओ के निरंतर प्रयासों के बाद अब तक केवल तीन जनप्रतिनिधियों—चिनहट के सांसद बृजलाल, एनके रोड हजरतगंज के एमएलसी मुकेश शर्मा और इंदिरानगर के विधायक ओपी श्रीवास्तव—ने अपनी निधि या सीएसआर फंड से मशीनें उपलब्ध कराई हैं।
“सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित कराने के लिए लगातार प्रयास जारी है। स्वास्थ्य विभाग और शासन स्तर पर भी पत्राचार किया गया है। कई माननीयों द्वारा उपलब्ध कराई गई मशीनों का लाभ मरीजों को मिल रहा है।”-डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
