कानपुर में आयतित दलहन में 30% आयात शुल्क की मांग: नौबस्ता गल्ला मंडी के व्यापारियों ने पीएम को भेजा ज्ञापन, वोकल फॉर लोकल पर जोर 

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Published By Anjali Singh
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कानपुर, अमृत विचार। प्रधानमंत्री के स्वदेशी व आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत व सार्थक करने के लिए आयातित विदेशी दलहन दालों के आयात को नियंत्रित करने के लिए 30 प्रतिशत आयात शुल्क की मांग जोर पकड़ने लगी है।  नौबस्ता गल्ला मंडी में देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने, दलहन में आयात नीति के संबंध में, प्रमुख आयतित दलहन में आयात शुल्क लगाने की मांग को लेकर नौबस्ता गल्ला मंडी के मंडी के व्यापारी, आढ़ती व दाल मिलर्स एकत्र होकर प्रधानमंत्री को ई मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा। 400 से आधिक व्यापारियों, आढ़तियों व दाल उद्यामियों ने ई मेल की। 

भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र व राष्ट्रीय महामंत्री बनवारी लाल गुप्ता के नेतृत्व में नौबस्ता गल्ला मंडी में देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने, दलहन में आयात नीति के संबंध में, प्रमुख आयतित दलहन में 30 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की मांग की गई। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान वोकल फॉर लोकल तथा घर-घर स्वदेशी अपनाने की भावना से प्रेरित होकर हम देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव इस ज्ञापन के माध्यम से दे रहे हैं।  

इस अभियान में प्रमुख रूप से नौबस्ता गल्ला मंडी से संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय बाजपेई,दाल उद्यमी व जिला संयुक्त महामंत्री केके गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज शुक्ला,वरिष्ठ मंत्री गोपाल शुक्ला,रजत गुप्ता,विजय किशोर गुप्ता,श्यामजी गुप्ता,शिवकुमार गुप्ता, गोपाल वर्मा,आनंद मिश्र,अनुज त्रिपाठी,मनोज द्विवेदी,अनीश शुक्ला, नितिन त्रिवेदी,राजकुमार जायसवाल, संदीप तिवारी,आशू गुप्ता,अजय गुप्ता,विकास गुप्ता, रिंकू गुप्ता,मोनू गुप्ता, विश्वनाथ जायसवाल, संजय राठौर, हरिकिशन गुप्ता, किशोर अरोड़ा, अरुण सोनी,महेश गुप्ता, शरद गुप्ता,विनय गुप्ता आदि थे |

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