मेरा शहर मेरी प्रेरणा : ये हर मरीज के जख्मों का हैं मरहम... तभी तो कहलाती है सिस्टर जी
जब हम किसी भी अस्पताल में मरीज या फिर तीमारदार बनकर जाते हैं तो सबसे पहले डॉक्टर मरीज का इलाज देकर चले जाते हैं लेकिन एक ऐसा व्यक्तित्व भी है जो कि मरीज के पास हर मिनट और घंटे में साये की तरह आंखों में सेवाभाव लिए मरीज की मरहम पट्टी करता है। जी हां वो होता है नर्सिंग स्टाफ।
नर्स एक मां, एक बहन के रूप में मरीजों की सेवा करती हैं। इस रिश्ते को बखूबी निभाने के चलते ही इस प्रोफेशन से जुड़ी महिलाओं को सिस्टर का उपनाम दिया गया है। नर्स मरीजों के बाहरी जख्म से लेकर उनकी संवेदनाओं पर भी मरहम लगाती हैं। आधुनिक नर्सिंग की जननी कही जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल भी मरीजों की सेवा परिवार से बढ़कर करती थीं।
हाईटेक पैथोलॉजी लैब अब शहर में
बरेली की स्वास्थ्य सेवाओं में हाईटेक पैथोलॉजी लैब का भी योगदान अहम है। विशेषज्ञों के अनुसार, बीते पांच वर्ष तक लिवर, गुर्दा, हृदय समेत अन्य अंगों से जुड़ी जांचों के लिए भी सिर्फ दो से तीन लैब ही सहारा थीं, लेकिन अब यहां प्रतिष्ठित 8 लैब के कलेक्शन सेंटर और मिनी डायग्नोस्टिक केंद्र भी खुल गए हैं, जहां हार्मोन्स की जांचे, कैंसर की ट्यूमर मार्कर, गंभीर आंखों की बीमारी के दौरान किए जाने वाले सिरम एंटीएमोजी व एंटी एनमो टेस्ट के साथ ही अन्य जांच की सुविधा की उपलब्ध हैं।
बरेली से निकलते हैं हजारों नर्सिंग पुरोधा
जिले में 8 से अधिक नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग के साथ ही पीजी नर्सिंग की डिग्री लेकर हर साल हजारों नर्सिंग पुरोधा जिले के साथ ही दूर दराज के क्षेत्रों में बरेली में मिली दीक्षा की लौ से अपने भविष्य की चमक बढ़ा रहे हैं।
