जंगल की दुनिया निकोबार मेगापोड: एक दुर्लभ और संवेदनशील पक्षी
निकोबार मेगापोड, जिसे निकोबार स्क्रबफाउल भी कहा जाता है, एक बहुत ही खास और दुर्लभ पक्षी है। यह पक्षी केवल भारत के निकोबार द्वीप समूह में पाया जाता है और दुनिया के किसी अन्य हिस्से में नहीं मिलता। यह मेगापोडिडाए परिवार से संबंधित है और अपने अनोखे प्रजनन तरीके के लिए जाना जाता है। यह पक्षी अपने अंडों को सेने के लिए घोंसला नहीं बनाता।
इसके बजाय यह मिट्टी, पत्तियों और अन्य सड़ने वाले पदार्थों का बड़ा टीला बनाता है। इन सड़ते हुए पदार्थों से निकलने वाली गर्मी से अंडे अपने आप से जाते हैं। जब चूजे निकलते हैं, तो वे खुद ही मिट्टी के ढेर से बाहर आ जाते हैं। खास बात यह है कि ये चूजे जन्म के समय ही पूरी तरह पंखों से ढके होते हैं और तुरंत उड़ सकते हैं। यह गुण इसे अधिकांश पक्षियों से अलग बनाता है।
निकोबार मेगापोड का आवास बहुत सीमित है, जिससे यह प्रजाति काफी संवेदनशील हो गई है। इसकी संख्या कम होने, जंगलों के नष्ट होने, मानव गतिविधियों और शिकार के कारण यह खतरे में है। 2004 की सुनामी ने भी इसकी आबादी को भारी नुकसान पहुंचाया था। इसी कारण IUCN ने इसे “Vulnerable” (असुरक्षित) श्रेणी में रखा है। यह पक्षी जैव विविधता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इसके संरक्षण के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है।
