साल 2026 का स्वागत... देशभर के मंदिरों में भीड़, कपाट खुलते ही लग गयी लंबी कतार 

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Published By Anjali Singh
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चेन्नई/बेंगलुरु/अमरावती। देश भर में नव वर्ष की धूम है और अनेक राज्यों में लोग बुधवार शाम से ही गीत संगीत के बीच अपने प्रियजनों के साथ मिलकर जश्न मनाते नजर आए। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में जहां लोगों ने पार्टियों और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ नव वर्ष का स्वागत किया, वहीं तमिलनाडु में भारी बारिश और घने बादलों के बीच उत्सव मनाया गया। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 31 दिसंबर की रात से ही संगीत और रोशनी के बीच भारी संख्या में लोगों ने जश्न मनाकर 2026 का स्वागत किया। शाम से ही शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों, आईटी गलियारों और आवासीय इलाकों में उत्सव का माहौल रहा। 

एमजी रोड, चर्च स्ट्रीट, इंदिरानगर और ब्रिगेड रोड जैसे प्रमुख केंद्र सजावटी रोशनी और लाइव संगीत से गुलजार रहे, जहां रेस्तरां और पब में विशेष आयोजन हुए। रात 12 बजते ही आतिशबाजी के बीच लोगों ने केक काटकर और मिठाइयां बांटकर एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं। सुरक्षा के लिए बेंगलुरु पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया था और मार्गों में परिवर्तन किया गया था। सीसीटीवी और रात्रि गश्त के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया गया और लोगों से जिम्मेदारी से जश्न मनाने की अपील की गई। बेंगलुरु की आधुनिक पार्टी संस्कृति और पारंपरिक अनुष्ठानों ने शहर की मिली-जुली संस्कृति को प्रदर्शित किया। 

बृहस्पतिवार सुबह होते ही श्रद्धालु आशीर्वाद लेने मंदिरों में उमड़े। लोग नारियल, अगरबत्ती और फूलों के साथ लंबी कतारों में खड़े दिखे। बेंगलुरु के 'दोड्डा गणपति', 'दोड्डा बसवन्ना', वसंत वल्लभराय और बनशंकरी देवी मंदिर में भारी भीड़ रही, जहां पुजारियों ने 'होम' सहित विभिन्न अनुष्ठान किए। मैसूरु, मंगलुरु, श्रृंगेरी और उडुपी के प्रमुख मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। 

तमिलनाडु में 1.10 लाख पुलिसकर्मियों की कड़ी सुरक्षा के बीच समुद्र तटों और सार्वजनिक स्थानों पर 2026 का स्वागत किया गया। साल के पहले दिन राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई, जिसे मौसम विशेषज्ञों ने लंबे समय बाद हुई सबसे भारी वर्षा बताया। राज्यपाल आर एन रवि और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने लोगों को नव वर्ष की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य पिछले संघर्षों से मिली सीख और साहस के साथ 2026 में सफलता की नयी ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा। ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने 19,000 कर्मियों और 1,500 होम गार्ड को तैनात कर 425 स्थानों पर जांच की। 

पुलिस ने गिंडी, अडयार और थोराईपक्कम पर ‘बाइक रेसिंग’ रोकने के लिए 30 विशेष टीम तैनात कीं। मरीना बीच और अन्य तटों पर समुद्र में नहाने और आतिशबाजी पर प्रतिबंध के साथ जश्न केवल रात एक बजे तक ही मान्य था। अधिकारियों के अनुसार, ईस्ट कोस्ट रोड पर पनैयूर से कोवलम तक ड्रोन और समुद्र तटों पर घुड़सवार पुलिस से निगरानी की गई। हजारों लोगों ने मरीना बीच, एलियट बीच और बेसेंट नगर जैसे चेन्नई के प्रमुख समुद्र तटों पर आतिशबाजी और संगीत का आनंद लिया। बारिश के बावजूद प्रशंसक सुपरस्टार रजनीकांत के घर के बाहर सुबह से ही जमा होने लगे, जहां पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया।

राज्यभर के प्रसिद्ध मंदिरों जैसे कपलेश्वर, मदुरै मीनाक्षी और रामेश्वरम में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। कन्याकुमारी में बादल छाए रहने के कारण हजारों लोग साल का पहला सूर्योदय नहीं देख पाए, जिससे उनमें निराशा रही, लोग साल का अंतिम सूर्यास्त भी नहीं देख सके थे। आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, तिरुपति और अन्य शहरों में लोगों ने जोश के साथ नये साल का स्वागत किया। विशाखापत्तनम के बीच रोड पर पुलिस की निगरानी में होटलों और क्लब में लाइव संगीत और डीजे पार्टियों का आयोजन हुआ। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने तट पर रंगीन रोशनी और जीवंत माहौल का आनंद लिया। 

तिरुपति में नये साल के साथ 'वैकुंठ एकादशी' का संयोग होने से आध्यात्मिक उत्साह दिखा और मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। महिलाओं ने घरों में सफाई कर प्रवेश द्वारों पर 'मुग्गू' (रंगोली) बनाई और आम के पत्तों के तोरण लगाए। सुबह तेल के दीये जलाकर सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने परिवारों के साथ मंदिरों में पूजा-अर्चना कर अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। इसके बाद पारंपरिक भोजन का आनंद लिया गया, जिसमें पुलिहोरा, बोब्बातलु और पायसम जैसे व्यंजन शामिल हैं। राज्यपाल एस अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। 

नववर्ष के अवसर पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ 

नववर्ष के अवसर पर बृहस्पतिवार को बिहार भर के मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे और आशीर्वाद लिया। ठंड के बावजूद राजधानी पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। महावीर मंदिर के एक पुजारी ने बताया, “श्रद्धालु सुबह-सुबह मंदिर के पट खुलने से पहले ही कतार में लग गए थे।” उन्होंने कहा कि मंदिर में समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं और श्रद्धालु शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी सुबह मंदिर पहुंचकर पूजा की। 

उधर, पटना से करीब 50 किलोमीटर दूर भोजपुर जिले के आरा नगर स्थित ऐतिहासिक अरण्य देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आमद देखी गई। एक श्रद्धालु ने कहा, “त्रेता और द्वापर युग से जुड़ी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के कारण हमारी इस मंदिर से गहरी आस्था जुड़ी हुई है।” उन्होंने बताया कि “भगवान राम से लेकर महाभारत के पांडवों तक के यहां पूजा करने की मान्यता है और यहां लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।” मंदिर के पुजारी ने संवाददाताओं को बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के पट सुबह चार बजे ही खोल दिए गए थे। राजधानी पटना के राजवंशी नगर स्थित पंचरूपी महावीर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

नए साल पर राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर समेत कई मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ 

झारखंड में नववर्ष 2026 के मौके पर राजधानी रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही भक्त मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और भगवान शिव के दर्शन कर नए साल की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ की।पहाड़ी मंदिर में सुबह तड़के से लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। लोगों ने भगवान शिव से नए साल में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई थी। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे दर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। 

लोगों की मान्यता है कि नए साल के पहले दिन माथा टेककर और प्रार्थना कर सालभर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाए। राजधानी रांची के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। पहाड़ी मंदिर, दुर्गाबाड़ी, काली मंदिर और जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। कुल मिलाकर नए साल के पहले दिन पहाड़ी मंदिर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। 

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