भारत-पाकिस्तान ने एक दूसरे की जेलों में बंद कैदियों की सूची का किया आदान-प्रदान, परमाणु ठिकानों की लिस्ट भी साझा की
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों और मछुआरों की सूची का गुरुवार को आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि कैदियों की सूची का आदान-प्रदान वर्ष 2008 के द्विपक्षीय वाणिज्य दूतावास संपर्क समझौते के अंतर्गत नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक माध्यमों से किया गया। भारत ने उसकी जेलों में बंद 391 असैनिक कैदियों और 33 मछुआरों की जानकारी साझा की है। ये सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं या माने जाते हैं।
इसी प्रकार पाकिस्तान ने उसकी जेलों में बंद 58 असैनिक कैदियों और 199 मछुआरों की जानकारी साझा की है जो भारतीय नागरिक हैं या भारतीय माने जाते हैं। भारत ने पाकिस्तान से उसकी जेलों में बंद असैनिक कैदियों और मछुआरों को उनकी नौकाओं सहित तथा लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की शीघ्र रिहाई और स्वदेश वापसी का आग्रह किया है।
पाकिस्तान से यह भी अनुरोध किया गया है कि सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि उसकी हिरासत में मौजूद 35 ऐसे नागरिक कैदियों और मछुआरों को जो भारतीय या भारतीय माने जाते हैं और जिन्हें अब तक कांसुलर सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल कांसुलर संपर्क प्रदान किया जाए।
भारत ने पाकिस्तान सरकार से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है कि रिहाई और भारत वापसी तक सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। भारत के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय असैनिक कैदियों को स्वदेश लाया गया है। इसमें वर्ष 2023 से अब तक पाकिस्तान से स्वदेश लाए गये 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय असैनिक कैदी शामिल हैं।
परमाणु ठिकानों की लिस्ट भी साझा की
भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच सूचियों का आदान-प्रदान नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक माध्यमों से किया गया। इस सूची में भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध संबंधी समझौते के अंतर्गत शामिल प्रतिष्ठानों को शामिल किया जाता है।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों ने पहली बार परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की है। दोनों देशों ने 31 दिसंबर 1988 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे और यह 27 जनवरी 1991 से लागू है। इसके अंतर्गत यह प्रावधान है कि भारत और पाकिस्तान प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की पहली जनवरी को एक-दूसरे को उन परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की जानकारी देंगे जो इस समझौते के अंतर्गत आती हैं। यह दोनों देशों के बीच इस तरह की सूचियों का 35वां लगातार आदान-प्रदान है। दोनों देशों ने पहली बार 1 जनवरी 1992 को ये सूची साझा की थी।
