बाराबंकी : आस्था, उल्लास और अपनत्व के संग लोगों ने किया नववर्ष का स्वागत, लोधेश्वर महादेवा में लगा भक्तों का रेला
मंदिर-मजार, बाजार और गली-गली में गूंजा नववर्ष का उल्लास
बाराबंकी, अमृत विचार। जिले में गुरुवार को नववर्ष 2026 का स्वागत पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। सुबह प्रभातफेरी में लोगों ने राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए नए साल की शुरुआत की। धनोखर चौराहे पर चाय की दुकानों पर चर्चाओं का दौर चला, वहीं बाजारों में खरीदारी ने माहौल को खास बना दिया।
शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों धनोखर मंदिर, नागेश्वरनाथ, औसानेश्वर महादेव, बड़ी देवी मंदिर, मुड़कटी देवी मंदिर और सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेवा में भक्तों ने जलाभिषेक और परिक्रमा कर नववर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा। खसपरिया, बीबीपुर और सैलानी माता मंदिर में भी दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। देवा स्थित सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर जायरीनों ने चादर चढ़ाकर दुआएं मांगीं।

कोटवाधाम में स्वामी जगजीवन साहेब की तपोस्थली भक्तों के जयकारों से गूंज उठी। बुधवार आधी रात से ही पटाखों की गूंज से शहर नववर्ष के जश्न में डूब गया। लोगों ने केक काटकर, सेल्फी लेकर और गीत-संगीत पर झूमकर नए साल का स्वागत किया। पार्कों में बच्चों ने मस्ती की, जबकि बड़ों ने रेस्टोरेंट और ठेलों पर चाट-पकवानों का आनंद लिया। देवा के ग्राम सलारपुर में सामूहिक तहरी भोज का आयोजन हुआ।

वहीं ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र यादव ने समर्थकों के साथ केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। नववर्ष के अवसर पर मंदिर, मजार, गुरुद्वारा और चर्च से लेकर चाय की दुकानों और बाजारों तक हर जगह उल्लास का माहौल रहा। लोगों ने एक-दूसरे को फूल और उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से लिट्टी-चोखा, तहरी और खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नववर्ष की खुशियां साझा कीं।
