कानपुर : पार्षदों के विवाद में एससी/एसटी आयोग के सदस्य की एंट्री, रमेश चंद्र कुंडे बोले- सरकार के खिलाफ जो भी कार्य करेगा उसका विरोध करेंगे

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम 26 दिसंबर से अखाड़ा बना हुआ है। भाजपा पार्षद महापौर पुत्र को लेकर दो खेमें में बट गए हैं। 6 पार्षद विरोध में हैं तो वहीं बाकी 73 में अधिकतर समर्थन में हैं और कुछ खुद को पूरे विवाद से दूर रखे हुए हैं। इसी बीच गुरुवार को विवाद के बीच एससीएसटी आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुडे की भी एंटी हुई। विरोधी पार्षदों के बुलावे पर वह नगर निगम पहुंचे और पुरुष पार्षद कक्ष में बैठक की।

 बता दें कि पिछले दिनों रमेश चंद्र कुंडे ने भी नगर निगम अधिकारियों पर अपमान करने का आरोप लगाया था, उन्होंने महापौर पर भी टिप्पणी की थी। जब वह गुरुवार को पार्षदों के साथ पहुंचे तो इसकी चर्चा पूरे नगर निगम में फैल गई। सदन से निष्कासित पार्षद अंकित मौर्य, पवन गुप्ता के साथ ही विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडेय और हरी स्वरूप तिवारी ने रमेश चंद्र कुंडे का सम्मान किया। 

बैठक के दौरान पार्षदों ने बताया कि भाजपा सरकार के विरोध में नगर निगम में कार्य हो रहा है। भाजपा पार्षदों के वार्ड में काम नहीं किए जाते हैं। कई पार्षद प्रताड़ित हैं। कुछ डर के मारे सामने नहीं आ रहे हैं। विकास जायसवाल ने कहा कि सीसामऊ और आर्यनगर को आगे हराने की साजिश की जा रही है। 

इस पर रमेश चंद्र कुंडे ने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ अभी नहीं हैं इसे अभी लम्बी दूरी तय करनी हैं। जनता का भरोसा टूटना नहीं चाहिए, हमें सामंजस्य बनाकर काम करने की जरूरत है। यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं हैं हम लोग सरकार के लिए लड़ रहे हैं। कुंडे ने कहा कि जो भी सरकार के विरोध में कार्य करेगा उसके खिलाफ हम लोग खड़े हैं। 

फिर से मांगे सदन के वीडियो, सौंपा पत्र

सदन से निष्कासित भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने गुरुवार को एक बार फिर से नगर आयुक्त को सभी 6 पार्षदों के हस्ताक्षर किया पत्र नगर आयुक्त को दिया और सदन के वीडियो मांगे। पत्र के जरिए कहा कि 29 दिसंबर को पत्र देकर 26 दिसंबर को हुए सदन की बैठक की पूरी कार्यवाही के वीडियो मांगे गए थे, लेकिन आज तक वीडियो नहीं दिए गए। पवन गुप्ता ने कहा कि यदि हम लोग गलत है तो वीडियो देने में नगर निगम को क्या हर्ज है।

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