Bareilly : प्रो. श्याम बिहारी का जाना विश्वविद्यालय के लिए भारी क्षति, यहां बीते थे विधायक के 25 साल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। फरीदपुर के भाजपा विधायक एवं रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के अध्यक्ष प्रो. श्याम बिहारी लाल का जाना विश्वविद्यालय के भारी क्षति है। वह विश्वविद्यालय में 25 साल से कार्यरत थे। उनके निधन से विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई है। मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि शोक सभा का आयोजन शनिवार को प्रशासनिक भवन में किया जाएगा।

प्रो. श्याम बिहारी ने इतिहास विभाग में सन 2000 में ज्वाइन किया था और जून 2028 तक उनका कार्यकाल रहना था। विश्वविद्यालय में पदभार ग्रहण करने से पहले वह पलिया, सोनभद्र और बीसलपुर में राजकीय डिग्री कॉलेज में शिक्षक रहे। विश्वविद्यालय में कार्यकाल के दौरान कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई। वर्तमान में प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग में विभागाध्यक्ष बनने से पहले दो बार संकायाध्यक्ष भी रह चुके थे।

 विश्वविद्यालय की कार्य परिषद और विद्या परिषद के भी सदस्य की जिम्मेदारी निभाने वाले श्याम बिहारी लाल पांचाल संग्रहालय के संयोजक भी रहे। पूर्व में बीडीए छात्रावास के वार्डन भी रहे। वह अवैतनिक पुस्तकालय अध्यक्ष भी थे। इसके अलावा कई समितियों में भी शामिल थे। वह पहले विश्वविद्यालय परिसर में ही कुलसचिव के सामने बनी प्रोफेसर कॉलोनी में रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले सुरेश शर्मा नगर के पास निजी आवास में रहने लगे थे।

मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि प्रो. श्याम बिहारी का जाना व्यक्तिगत और विश्वविद्यालय के बड़ी क्षति है। वह अपने विभाग, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे। उनके आकस्मिक निधन पर वह और विश्वविद्यालय परिवार अपनी शोक संवेदना व्यक्त करता हैं। दुख की इस घड़ी में ईश्वर परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दे ऐसी प्रार्थना करते हैं।

प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रो. श्याम बिहारी से मेरा शिक्षा के समय से जुड़ाव रहा है। वह उनके साथ पढ़े हैं, हालांकि विभाग अलग-अलग था। वह बहुत ही हंसमुख मिजाज थे। उन्हें कभी घमंड नहीं रहा, जबकि वह एक क्षेत्र के विधायक थे। उनका जाना व्यक्तिगत और विश्वविद्यालय के लिए बड़ी क्षति है।

 संकायाध्यक्ष प्रो. विजय बहादुर ने बताया कि विभाग में साथ होने की वजह से प्रो. श्याम बिहारी से मेरा 25 साल से रिश्ता रहा है। वह पूर्व संकायाध्यक्ष भी रह चुके थे। वह काफी मिलनसार थे। उनके साथ कई यादें जुड़ी हुई हैं। उनका स्वभाव काफी अच्छा था। उनका जाना काफी दुखदायी है। विभाग के साथ विश्वविद्यालय परिवार के लिए बड़ी क्षति है।

 

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