सुलतानपुर : जमानत सत्यापन अनियमितता में दोस्तपुर दरोगा कोर्ट में तलब, वैध वसूली का लगा है आरोप
सुलतानपुर, अमृत विचार। जमानत सत्यापन में अनियमितता और अवैध धनराशि की मांग के गंभीर आरोपों को लेकर विशेष कोर्ट एससी एसटी न्यायाधीश राकेश पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है। दोस्तपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में 10 अगस्त 2017 को छप्पर के नीचे सो रही दलित महिला से दुष्कर्म के मामले में तत्कालीन विशेष कोर्ट न्यायाधीश संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी रामजगत यादव को दोषी पाते हुए 7 साल की सजा व पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाकर 18 अगस्त 2025 को जेल भेज दिया था।
मामले में आरोपी की तरफ से सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी जिसमें हाईकोर्ट ने बीते 11 दिसम्बर को दोषी रामजगत यादव की जमानत स्वीकृत की थी। जमानतनामें सत्यापन में थाना दोस्तपुर पुलिस द्वारा अपूर्ण व कथित रूप से गलत सत्यापन रिपोर्ट भेजे जाने के कारण आरोपी की रिहाई नहीं हो सकी थी।
न्यायालय ने पाया कि जमानतदार स्वयं थाने पर सत्यापन हेतु उपस्थित हुए थे, परंतु उप निरीक्षक द्वारा अनुचित कारणों से फोटो तस्दीक नहीं की गई। अदालत ने इसे माननीय उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए आरोपी की प्रोविजनल रिहाई के आदेश दिए।
साथ ही, थाना दोस्तपुर के उप निरीक्षक शकील अहमद के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए आदेश की प्रति पुलिस कप्तान सुलतानपुर को भेजने का आदेश देते हुए दारोगा शकील अहमद को 6 जनवरी तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। अनुपस्थिति की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
भूमि धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने केस दर्ज करने का दिया आदेश
भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने आरोपी मो अरशद पर पीड़ित की अर्जी पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। थाना कोतवाली नगर के बेचू खां का पुरवा मजरे पांचोपीरन निवासी हसीना बेगम पत्नी मो असलम ने 24 जुलाई 2019 को गांव के मो. अरशद से बैनामे के जरिए जमीन खरीदी थी। जिसकी दाखिल खारिज हसीना बेगम के नाम हो गई थी।
तीन वर्ष बाद हसीना बेगम ने बैनामे की जमीन प्रवीण कुमार शर्मा छाया मिश्रा, बाबी सिंह, रामप्रकाश मिश्र व बबिता यादव को बेच दी थी। आरोप है कि हसीना बेगम को पता चला कि उनके बैनामे की जमीन राजस्व अभिलेखों में धोखाधड़ी व कूटरचना कर विक्रेता व उसके अन्य सह खातेदारो के नाम वरासत के जरिए दर्ज हो गई। धोखाधड़ी व कूटरचना की जानकारी होने पर हसीना बेगम ने पुलिस से शिकायत की पर कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता संतोष पांडेय के जरिए कोर्ट में अर्जी दी थी।
अधिवक्ता हत्याकांड में डॉक्टर की गवाही दर्ज
चर्चित अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड में शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश राकेश की अदालत ने डॉक्टर वैभव शर्मा की गवाही दर्ज की गई जिनसे बचाव पक्ष ने जिरह की। जिरह पूरी न होने के कारण कोर्ट ने शेष जिरह के लिए छह जनवरी की तारीख नियत की है। वादी पक्ष के वकील शेख नजर अहमद के मुताबिक छह अगस्त 2023 को भुलकी चौराहे पर अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मृतक के पिता मो. सलीम की तहरीर पर सिराज अहमद समेत कई लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया गया है।
आप सांसद संजय सिंह के केस में दरोगा की गवाही दर्ज
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे मुकदमे में शनिवार को कोर्ट मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में दरोगा रजय पाल वर्मा की गवाही दर्ज की गई। दरोगा से बचाव पक्ष के वकील रुद्र प्रताप सिंह मदन ने जिरह की। कोर्ट ने शेष अभियोजन साक्ष्य को तलब कर सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख नियत की है। बंधुआकला थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी प्रवीण कुमार यादव ने 13 अप्रैल 2021 को आम आदमी पार्टी से राज्य सभा सांसद संजय सिंह समय 13 लोगों के खिलाफ नामजद व अज्ञात लोगों के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
अधिशाषी अभियंता हत्याकांड में सीओ की गवाही दर्ज
जल निगम के अधिशाषी अभियंता संतोष कुमार की हत्या के बहुचर्चित मामले में शनिवार को एडीजे द्वितीय विशेष एससी-एसटी न्यायालय न्यायाधीश राकेश पांडेय की अदालत में अभियोजन गवाह सीओ प्रशांत सिंह की गवाही दर्ज की गई। जिससे बचाव पक्ष ने जिरह की पर जिरह पूर्ण न होने से कोर्ट ने शेष जिरह के लिए 7 जनवरी की तारीख नियत की है।
अभियोजन की ओर से पीड़ित पक्ष के वकील अरविंद सिंह राजा के मुताबिक 17 अगस्त 2024 को अधिशाषी अभियंता संतोष कुमार की उनके घर में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई संजय कुमार ने सहायक अभियंता समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सहायक अभियंता अमित कुमार शाह व आरोपी प्रदीप राम को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल में निरुद्ध आरोपित को राहत
छत्तीसगढ़ के आरोपी राजेश कुमार सूर्यवंशी को कोर्ट ने जमानत देकर राहत दी है।अमेठी के थाना जामों के सम्राट ब्रिक फील्ड,विराट ब्रिक फील्ड एवं शारदा ब्रिक फील्ड व आदि शक्ति ईट उद्योग के प्रोपाइटर ने मिलकर आरपी पर 26 लाख लेकर लेबर न भेजने का आरोप लगाकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके क्रम में थाना जामों की पुलिस ने राजेश कुमार सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय व अभियोजन पक्ष को सुनने के बाद आरोपी को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है।
अमेठी की पूर्व नपं अध्यक्ष की निगरानी अर्जी पर सुनवाई 21 को
धोखाधड़ी मामले में अमेठी की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी की निगरानी अर्जी पर एडीजे चतुर्थ जलाल मोहम्मद अकबर की अदालत में सुनवाई अब 21 जनवरी को होगी। मामले में एसीजेएम चतुर्थ मुक्ता त्यागी की अदालत ने चंद्रमा देवी समेत पांच आरोपियों के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी कर 9 जनवरी की तारीख तय की है। चार सह-आरोपियों लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी और संगम लाल सोनीकृकी निगरानी याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं। इसी प्रकरण में चंद्रमा देवी ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी भी दाखिल की है, जिस पर 5 जनवरी को सुनवाई होनी है। आरोप है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने धोखाधड़ी कर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी का मकान अन्य लोगों के नाम दर्ज करा दिया।
