Bareilly : फर्जी वोटिंग पर हंगामे के बीच बार चुनाव में 88.74 प्रतिशत मतदान
विधि संवाददाता, बरेली। फर्जी वोटिंग के आरोपों पर हुए हंगामे के बीच सोमवार को बरेली बार एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव का मतदान संपन्न हाे गया। सुबह से ही बार एसोसिएशन सभागार से लेकर पूरी कचहरी में गहमागहमी रही। मतदान के आखिरी घंटे में फर्जी वोटिंग की शिकायत पर हंगामा हुआ। किसी तरह चुनाव मंडल ने मामला शांत कराया। 80 प्रत्याशियों के पक्ष में 2428 मतदाताओं ने वोट किए। 88.74 प्रतिशत वोटिंग हुई है। मतदाताओं के वोटों को मतपेटियों में सुरक्षित कर दिया। मंगलवार सुबह 9.30 बजे से 21 पदों के लिए मतगणना शुरू होगी, जोकि देर शाम तक सभी पदों के चुनाव परिणाम जारी होने तक जारी रहेगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव जयपति ने बताया कि बार एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें 2736 वोटरों में से 2428 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के लिए आठ बूथ बनाये गये थे, जिसमें चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से मतदान कराया। सोमवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू होना था, लेकिन 15 मिनट की देरी से शुरू हो सका, इसलिए शाम 5.10 बजे तक मतदान हुआ। इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल मौजूद रहा। गन्ना सोसायटी से स्टेशन रोड तक पुलिस ने बैरिकेडिंग कर वाहनों को प्रवेश करने से रोका। लंच के बाद काफी संख्या में अधिवक्ता वोट डालने मतदान स्थल पर पहुंचे, जिससे लंबी-लंबी कतारों में मतदाता अपनी बारी कर इंतजार करते रहे। बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन शिरीष मेहरोत्रा, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव समेत काफी संख्या में पंजीकृत अधिवक्ता अपना सीओपी कार्ड लेकर मतदान स्थल पर मतदान करने के लिए पहुंचे। मतदान स्थल तक के रास्ते के दोनों ओर प्रत्याशी व उनके समर्थक कतारों में अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान करने के लिए अंत तक मनाते रहे। इस दौरान वरिष्ठ बुजुर्ग अधिवक्ता भी मतदान करने पहुंचे।
मतपेटियां स्ट्रांग रूम में रखवा स्ट्रांग रूम सील कराया
चुनाव मण्डल ने मतदान उपरांत मतपेटियां स्ट्रांग रूम में रखवा दीं। स्ट्रांग रूम को सील मुहर कर दिया। पुलिस बल ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था संभाली है। मतदान के दौरान एसपी यातायात, सीओ, कोतवाल व पुलिस बल मौजूद रहा।
वरिष्ठ अधिवक्ता जीलानी का वोट किसी और ने डाला, टेंडर वोट
बरेली बार एसोसिएशन चुनाव यूं तो शांतिपूर्वक चलता रहा, मगर मतदान के आखिरी घंटे में कुछेक प्रत्याशियों व मतदाताओं ने चुनाव मण्डल से फर्जी वोटिंग की शिकायत दर्ज करायी। वरिष्ठ अधिवक्ता मुहम्मद खालिद जीलानी ने बताया कि जब वह मतदान करने पहुंचे तो उनका वोट पहले ही कोई डाल गया था। फर्जी वोटिंग होना शर्मनाक और निंदनीय है। वह इसकी कड़ी शब्दों में भर्त्सना करते हैं, वोट डालते वक्त सीओपी जांच के साथ-साथ मतदान में लगे सभी लोग वरिष्ठ अधिवक्ताओं को चेहरे से भी पहचानते हैं। पैंतीस साल की वकालत में उनके साथ ऐसा पहली बार हुआ है कि टेंडर वोट डालना पड़ा। वहीं संयुक्त सचिव प्रशासन पद के प्रत्याशी मो. आमिर ने भी दूसरे प्रत्याशी के हक में वोट डालने आये फर्जी व्यक्ति को पहचान लिया व पकड़कर चुनाव मंडल से आपत्ति व्यक्त की। बूथ से मतदाता सूची को चुनाव मण्डल के पास ले जाने को लेकर भी हंगामा हुआ। चुनाव मंडल ने स्थिति संभाली, तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ। चुनाव मंडल ने पूरे चुनाव को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में करवाया है।
दावेदारों ने मतदाताओं का जताया आभार
अध्यक्ष पद प्रत्याशी मनोज हरित ने कहा कि जिस तरीके से मुझे अधिवक्ता साथियों ने प्यार दिया है, मैं बहुत आभारी हूं, साथी था साथी ही रहूंगा। अध्यक्ष पद प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद गंगवार ने बताया कि सभी लोगों का धन्यवाद, चुनाव शांतिपूर्वक निपट गया है, सभी साथियों, चुनाव मण्डल का आभार व्यक्त करता हूं। अध्यक्ष पद प्रत्याशी अनिल द्विवेदी ने बताया कि मैं तो मतदान से पूर्व भी आश्वस्त था, लोग मुझे पूर्व अध्यक्षी कार्यकाल से जानते हैं, वकीलों ने अपना दोस्त समझा, इसके लिए आभार व्यक्त करता हूं। सचिव पद प्रत्याशी गौरव सिंह राठौर ने कहा कि ईश्वर की कृपा, साथियों के सहयोग से विजयी होंगे, अधिवक्ता साथी सदैव इसी तरह मुझ पर अपना आर्शीवाद, विश्वास बनाए रखें, आभारी हूं। सचिव पद प्रत्याशी दीपक पाण्डेय ने बताया कि सभी साथियों ने हर्षोल्लास से अच्छी भावना के साथ यह मतदान पर्व मनाया, अधिवक्ता साथियों ने मुझ पर पूर्ण विश्वास जताकर मुझे मतदान किया है। हृदय तल से आभार व्यक्त करता हूं।
