नर्सों को 10 माह बाद भी नहीं मिले नियुक्ति पत्र, चयनित अभ्यर्थियों ने चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को लिखा पत्र
लखनऊ, अमृत विचार : स्टाफ नर्स (नर्सिंग अधिकारी) एलोपैथी–2023 भर्ती प्रक्रिया से चयनित नर्सों को चयनित होने के 10 महीने बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाए हैं। चयनित अभ्यर्थियों ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को पत्र लिखकर शीघ्र नियुक्ति पत्र वितरण की तिथि घोषित करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज ने स्टाफ नर्स भर्ती के लिए 19 दिसंबर 2023 को प्रारंभिक परीक्षा कराई थी। 20 फरवरी 2024 को परिणाम घोषित किया गया।
इसके बाद 28 जुलाई 2024 को मुख्य परीक्षा कराकर 7 मार्च 2025 को परिणाम घोषित किया गया। इसमें 1276 महिला एवं 160 पुरुष अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। आयोग ने 8 अप्रैल से 25 अप्रैल 2025 तक सफल अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों का सत्यापन कराया। फिर 24 जून 2025 को नियुक्ति पत्र निर्गत करने के लिए 1183 महिला एवं 146 पुरुष अभ्यर्थियों की संस्तुति चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय को भेज दी थी।
चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए निदेशालय ने संबंधित संस्थाओं को 29 जुलाई 2025 से पत्र भेजे गए। अगस्त से नवंबर 2025 के बीच सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर 23 नवंबर 2025 को मेडिकल कॉलेजों का आवंटन कर दिया गया। किंतु अभी तक नियुक्ति पत्रों का वितरण अभी तक नहीं किया गया है। जिससे चयनित अभ्यर्थियों में निराशा और असमंजस की स्थिति है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण पूर्ण हो जाने के बाद भी नियुक्ति में देरी उनके भविष्य को प्रभावित कर रही है।
