Uttarakhand Ardh Kumbh: डिजिटल और आपदा की दृष्टि से सुरक्षित होगा अर्धकुंभ 2027, तैयारियों के बीच दिशा निर्देश जारी
हरिद्वार। उत्तराखंड के राज्य मंत्री विनय रोहिला ने आज हरिद्वार स्थित कुंभ मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में विभिन्न विभागों के अधिकारियो के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ मेले की पूर्व तैयारियों और बुनियादी ढांचे के विकास का जायजा लेना था। बैठक के दौरान राज्य मंत्री ने अधिकारियों को कुंभ मेले को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
राज्यमंत्री विनय रोहिला ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप आगामी कुंभ को "डिजिटल कुंभ" के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमे महत्वपूर्ण भीड़ नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। कुंभ के दौरान नई तकनीकों का उपयोग कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
मेले से पहले नए पुलों, सड़कों और हरिद्वार की 'फेंसिंग' को नए डिजिटल और आधुनिक स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने पर गहन चर्चा हुई ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, हम 2027 के कुंभ को एक ऐतिहासिक और 'डिजिटल कुंभ' बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस बार नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए न केवल भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा, बल्कि स्वच्छता और सुरक्षा के भी नए मानक स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार को एक नए स्वरूप में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।"बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने प्रस्ताव और समाधान साझा किए। मंत्री ने सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
