अयोध्या में No Helmet-No Fuel अभियान फेल, सड़क सुरक्षा माह में नहीं हो रहा नियमों का पालन
अयोध्या, अमृत विचार। परिवहन विभाग व यातायात पुलिस राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान रामनगरी में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। पेट्रोल पंप संचालक नियमों को ताक पर रख बिना हेलमेट लगाए चालकों को पेट्रोल दे रहे हैं। पंप पर लगा नो हेलमेट-नो फ्यूल का बैनर भी गायब हो गया है।
इस अभियान का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत की संख्या में कमी लाना है। सिविल लाइंस, सहादतगंज, नाका, देवकाली, टेढ़ी बाजार, उदया चौराहे समेत अधिकांश पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट वाले चालकों को आसानी से पेट्रोल दिया जा रहा है।
पूर्व में लगाए गए जागरूकता बोर्ड या पोस्टर हटा दिए गए हैं। वहीं, पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि जब तक प्रशासन से उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराएगी, तब तक वह सख्ती से नियम लागू नहीं कर पाएंगे। पेट्रोल पंप संचालक विपिन सिंह ने बताया कि ग्राहकों से विवाद होने का डर है, क्योंकि बिना हेलमेट वाले चालक बहस करते हैं और कभी-कभी मारपीट की धमकी देते हैं।
पहले की थी कार्रवाई अब ढीली पड़ी निगरानी
परिवहन विभाग व यातायात पुलिस द्वारा अभियान के शुरुआती दिनों में कुछ कार्रवाई की गई थी। अब निगरानी ढीली पड़ गई है। सड़कों पर बिना हेलमेट घूमते दोपहिया चालक आम नजारा हैं। विभागों के बीच समन्वय की कमी और जागरूकता अभियान की कमजोरी को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ठोस निगरानी और दंड के यह अभियान केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा। एआरटीओ डॉ.आरपी सिंह का कहना है कि सड़क सुरक्षा माह को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बाद प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। जिन पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट धारक को पेट्रोल दिया जा रहा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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