बाराबंकी : एडीजीसी समेत अन्य पर रिपोर्ट, हत्या की आशंका, जानें पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी, अमृत विचार। 37 दिन पूर्व अधिवक्ता पुत्र के फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रकरण में गंभीर मोड़ यह कि मृतक के पिता ने हत्या करने या आत्महत्या को विवश करने का आरोप लगाते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता समेत कई पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप यह भी कि मृतक के लैपटाप व मोबाइल के डाटा से छेड़छाड़ सुनियोजित ढंग से की गई। 

रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई है। बताते चलें कि जिला न्यायालय में विशेष लोक अभियोजन विशेष न्यायालय गैंगस्टर में तैनात सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश वर्मा के पुत्र अनन्य वर्मा का शव आवास विकास कालोनी स्थित किराए के घर में आंगन में लोहे के जाल से लटका मिला था। 

पिता रमेश वर्मा का दावा है कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई या उसे ऐसा करने के लिए विवश किया गया। 5 दिसंबर को अधिवक्ता अरविन्द राजपूत ने फोन कर बताया कि विवेचक मृतक का मोबाइल डाटा रिकवरी के लिए लखनऊ लैब ले जाएंगे और लैपटॉप भी जांच के लिए मंगवाया गया है। इसी भरोसे पर उसने मकान से लैपटॉप निकलवाकर अपनी पत्नी किरन वर्मा के माध्यम से कचहरी के मुख्य गेट पर अधिवक्ता को सौंप दिया। 

बाद में बताया गया कि विवेचक के साथ लैब में जांच कराई जाएगी। इसी दिन वह परिजनों के साथ सीतापुर पूजा-पाठ के लिए गया था। इस दौरान बार-बार पूछताछ करने पर अधिवक्ता ने लैपटॉप की जांच कचहरी में ही कराए जाने की बात कही और पासवर्ड भी उसकी बेटी से लेकर लिखवाने का उल्लेख किया। संदेह तब हुआ जब पता चला कि कचहरी परिसर स्थित ‘दरबार-ए-कचहरी’ रेस्टोरेंट में लैपटॉप की जांच की गई, जहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उनके अधिवक्ता मित्रों ने हस्तक्षेप कर लैपटॉप अपने कब्जे में लिया।

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