फार्मर रजिस्ट्री में नाम मिसमैच की बड़ी रुकावट: आधार-खतौनी में अंतर से 1.15 लाख किसान फंसे, PM किसान सम्मान निधि पर संकट!

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : आधार, खतौनी और आदेश में दर्ज किसानों के नामों में काफी अंतर होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। प्रक्रिया के दौरान साफ्टवेयर में मैच स्कोर 15 फीसद से कम होने के कारण नाम मिसमैच हो रहे हैं और सभी दस्तावेजों में सुधार करना आसान नहीं है।

कृषि विभाग को जिले में 2.45 लाख किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य मिला। इस विशेष अभियान में 1.30 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है। ज्यादातर किसानों के आधार, आदेश और खतौनी में दर्ज नाम साफ्टवेयर पर मिसमैच होने के कारण रिजेक्ट हो रहे हैं। नामों का मैच स्कोर 15 फीसद से कम है यानी सभी दस्तावेजों में दर्ज नामों में काफी अंतर है। इसके अलावा किसानों में जागरूकता भी नहीं है। इसलिए भी वह आगे नहीं आ रहे हैं।

उपनिदेशक विनय कुमार कौशल ने बताया कि किसान कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक, ग्राम रोजगार सेवक को दस्तावेज देकर रजिस्ट्री जरूर कराएं। या फिर जनसेवा केंद्र पर जाए। जिनके नामों में अंतर हैं वह सुधार कराकर करा लें। बिना फार्मर रजिस्ट्री के आगे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं उठा पाएंगे। फार्मर रजिस्ट्री अलग-अलग कृषि योग्य भूमि की एक आईडी है। इससे बैंक लोन या फिर योजनाओं के लिए अलग-अलग जमीन के दस्तावेज नहीं देने पड़ेंगे। नई योजनाओं में आसानी से पारदर्शिता के साथ चयन होगा।

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