Bareilly : अकृषक भूमि कृषि में दिखाकर की शुल्क चोरी, 19.41 लाख का जुर्माना
ग्राम घंघोरा पिपरिया में करीब 0.37317 हेक्टेयर भूमि का कराया था बैनामा
बरेली, अमृत विचार। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अकृषक भूमि को कृषि में दिखाकर शुल्क चोरी करने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। तथ्यों को छिपाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने के वाद में सुनवाई करते हुए डीएम ने भूमि खरीदने वाले मुनेंद्र यादव पर 19.41 लाख रुपये का जुर्माना डाला है। साथ ही कम स्टांप की धनराशि पर 9 अप्रैल 2025 से वसूली की तारीख तक 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज भी वसूला जाएगा।
जिलाधिकारी की कोर्ट से जारी आदेश में कहा गया है कि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की 13 जून, 2025 को मिली आख्या पर वाद की कार्यवाही शुरू हुई। ग्राम घंघोरा पिपरिया में 0.37317 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई। कृषि भूमि की 12565000 रुपये कीमत दिखाते हुए 880000 रुपये का स्टाम्प शुल्क एवं 125650 रुपये निबंधन शुल्क अदा किया। जबकि भूमि निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि बेची गयी भूमि कृषि न होकर अकृषक है, जिसमें आवासीय रूपरेखा निर्मित की जा रही है। लेखपत्र में गलत सूचनाएं दर्ज की गयीं, जो स्टाम्प अधिनियम की धारा-27 का उल्लंघन है। जब 8500 प्रति वर्गमीटर से मूल्यांकन किया तो क्रय भूमि 31719450 रुपये की निकली। अकृषक भूमि दो रास्तों पर स्थित होने के कारण 10 प्रतिशत वृद्धि कर मूल्यांकन किया तो 34892000 रुपये कीमत निकली। जिस पर 2442440 रुपये का स्टाम्प शुल्क व 348920 रुपये निबंधन शुल्क बना। प्रथम दृष्टया 1562440 रुपये का स्टाम्प शुल्क एवं 223270 रुपये के निबंधन शुल्क की चोरी सामने आई। नोटिस पर क्रेता मुनेंद्र यादव ने सवाल उठाए तो भूमि की स्थलीय जांच उप जिलाधिकारी सदर से करायी। जांच आख्या में बताया कि पश्चिमी दिशा में आंशिक भाग में आबादी है। पश्चिमी एवं दक्षिण दिशा में आवासीय प्लाटिंग हो चुकी है। एक मकान भी बन चुका है। 8 दिसंबर को मुनेंद्र यादव ने न्यायालय में उपस्थित होकर कमी स्टाम्प शुल्क, निबंधन शुल्क व ब्याज जमा करने की हामी भरी। डीएम ने कम स्टांप शुल्क पर 1562440 रुपये, कम निबंधन शुल्क में 223270 रुपये और कम स्टांप पर 10 प्रतिशत अर्थदंड में 156244 रुपये मिलाकर कुल 1941954 रुपये का जुर्माना लगाया।
