Moradabad : कोहरे की चादर में लिपटी सुबह, बर्फीली हवा ने बढ़ाई ठिठुरन

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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सुबह 9 बजे तक दृश्यता रही बेहद कम, दोपहर बाद धूप निकलने से लोगों को मिली कुछ राहत

मुरादाबाद, अमृत विचार। गुरुवार को मुरादाबाद कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में रहा। सुबह से ही शहर पर कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। सुबह करीब 9 बजे तक हालात ऐसे रहे कि सड़क पर कुछ ही दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी साफ नजर नहीं आ रहा था। बर्फीली हवाओं के चलते हाथ-पैर सुन्न हो गए और लोग घरों से निकलने से कतराते नजर आए।

ठंड का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। सुबह के समय रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें और बसें देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं दोपहिया वाहन सवार सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए।

दोपहर एक बजे के बाद जब सूर्यदेव ने दर्शन दिए तो लोगों को कुछ राहत मिली। धूप निकलने से ठिठुरन में कमी आई और बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर हलचल बढ़ने लगी। हालांकि ठंडी हवा चलने के कारण पूरी तरह से राहत नहीं मिल सकी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को मुरादाबाद का अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, जिला अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास लोगों ने अलाव जलाकर राहत पाने का प्रयास किया। सड़क किनारे रहने वाले जरूरतमंदों के लिए अलाव सहारा बने। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी ठंड से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ती दिखी। सर्दी, खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर लोग अस्पताल पहुंचे।

डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाकर रखने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी ठंड और कोहरे का असर बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है।

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