कैसे हो संचालन... लखनऊ के चारबाग बस स्टेशन पर 950 बसों पर 45 प्लेटफार्म, यात्रियों के लिए परेशानी का सबब
लखनऊ, अमृत विचारः चारबाग बस स्टेशन से रोडवेज बसों को आलमबाग बस अड्डे पर शिफ्ट करने का फैसला यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से लिया गया यह निर्णय जमीनी स्तर पर अव्यवस्था का रूप ले चुका है। आलमबाग बस अड्डे पर हालात ऐसे हैं कि बसें, यात्री और आसपास की सड़कें तीनों ही चरमराई नजर आ रही हैं।
आंकड़े बड़े, व्यवस्था कमजोर
आलमबाग बस अड्डे से प्रतिदिन करीब 950 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक बस की औसत क्षमता 52 यात्रियों की है। बसों के लिए कुल 45 प्लेटफॉर्म हैं, जबकि दावा किया जा रहा है कि हर दो मिनट में एक बस रवाना हो रही है। 45 प्लेटफॉर्म पर रोजाना औसतन 21–22 बसें प्रति प्लेटफॉर्म संचालित करनी पड़ रही हैं। एक बस को प्लेटफॉर्म पर खड़ा करने, यात्रियों को बैठाने और रवाना करने में कम से कम 8–10 मिनट का समय लगता है। ऐसे में हर दो मिनट में बस संचालन का दावा पूरी तरह अव्यावहारिक लगता है।
समय सारणी में टकराव, प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी
बस संचालन के लिए बनाई गई समय सारणी आपस में टकरा रही है। कई बसें एक ही समय पर एक ही प्लेटफॉर्म पर पहुंच रही हैं, जिससे लंबी कतारें लग रही हैं। ड्राइवर और कंडक्टरों के बीच विवाद बढ़ रहा है और यात्रियों में भ्रम व नाराजगी भी बढ़ रही है।
200 मीटर में दर्जन भर बसें, सड़कें जाम
बस अड्डे से बाहर महज 200 मीटर के दायरे में दर्जन भर बसें सड़क पर खड़ी हैं। प्लेटफॉर्म खाली न मिलने के कारण बसों को सड़क पर खड़ा किया जा रहा है, जिससे आसपास की मुख्य सड़कें पूरी तरह जाम हो रही हैं। लोकल ट्रैफिक ठप है और एम्बुलेंस व आपात सेवाओं की राह भी बाधित हो रही है।
चारबाग से शिफ्टिंग की जानकारी नहीं, यात्री परेशान
सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो रही है जिन्हें यह सूचना नहीं मिल पाई कि बसें चारबाग से हटकर आलमबाग आ चुकी हैं। दूर-दराज से आने वाले यात्री चारबाग पहुंचकर बसें न मिलने से भटक रहे हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाई हो रही है।
न सूचना बोर्ड, न कर्मचारी
बस अड्डे पर पर्याप्त सूचना बोर्ड नहीं हैं और न ही मार्गदर्शन के लिए कर्मचारी तैनात हैं। यात्रियों को खुद ही अंदाजा लगाना पड़ रहा है कि उनकी बस किस प्लेटफॉर्म से चलेगी। कई यात्रियों ने घंटों इंतजार करने के बाद भी सही जानकारी न मिलने की शिकायत की।
सुधार की योजना
राजेश कुमार सिंह, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, आलमबाग बस डिपो ने बताया कि बसों के संचालन के लिए नई समय सारणी बनाई जा रही है। कुछ दिनों में व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। पूर्वांचल रूट की कुछ बसों को अवध बस स्टैंड पर शिफ्ट किया जा सकता है।
