अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, लगाया यह गंभीर आरोप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी की गई मतदाता सूची के मसौदे को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाने की साजिश चल रही है। 

अखिलेश यादव ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और इसका सीधा असर पीडीए समाज पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र को कमजोर करने और विपक्षी वोट बैंक को नुकसान पहुंचाने की मंशा से की जा रही है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि कई जिलों में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए, जबकि वे जीवित हैं और उसी स्थान पर निवास कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि यह स्थिति चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनावी लाभ के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है और चुनाव आयोग पर दबाव डालकर मतदाता सूची में हेरफेर करवाई जा रही है। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर पर सतर्क रहें और यदि किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया हो तो उसके खिलाफ आवाज उठाएं। 

वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, जिसके तहत मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम हटाए गए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम कट गए हैं, उन्हें दावा-आपत्ति की अवधि में नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।  

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