Moradabad : काले धुएं के रूप में जहर उगल रही प्लास्टिक, ई-कचरा व पीतल गलाने की भट्ठियां
मुरादाबाद, अमृत विचार। पीतल गलाने की आड़ में प्लास्टिक और ई कचरा जलाने वाली भट्ठियों से निकल रहा काला धुआं खतरे का संकेत है। भट्ठियों से निकलने वाला धुआं जहरीला है। ई कचरा और प्लास्टिक के जलाने के बाद निकलने वाला धुएं से इस क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश लोग सांस और दमा की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। हैरानी यह है कि सब जानने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं।
जामा मस्जिद, छड़ियों का मैदान, नवाबपुरा और लालबाग जैसे घनी आबादी वाले इलाकों की संकरी गलियों में रहने वाले हजारों परिवार जहरीले धुएं के कारण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। वजह महानगर की संकरी गलियों में ई-कचरा और पीतल गलाने की भट्ठियों से उठने वाला काला जहरीला धुआं है। छड़ियों का मैदान हाजी नेक की मस्जिद, नवाबपुरा में भट्ठियों के अलावा रामगंगा किनारे खुलेआम ई कचरा और प्लास्टिक जलाने का कारोबार चल रहा है।
थाना नागफनी के प्रभारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें केवल पीतल गर्म करने के कारोबार के बारे में जानकारी है। ई-कचरा और प्लास्टिक जलाने के बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि वहीं की रहने वाली दया नाम की महिला के बेटे ने जलाई जा रही प्लास्टिक और ई कचरा जलाने से उसकी मां को सांस लेने में दिक्कत को लेकर थाने में तहरीर दी थी। नागफनी क्षेत्र की घोसियों वाली पुलिया और हाजी नेक की मस्जिद मोहल्ले में ई-कचरा जलाने का काम बड़े पैमाने पर खुलेआम किया जा रहा है।
ई-कचरा जलाने के बाद उसकी राख को रामगंगा नदी में फेंक दिया जाता है, जिससे जल प्रदूषण भी बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि यहां अधिकतर भट्ठियों का संचालन रात में किया जाता है, जिससे प्रशासन की नजरों से बचा जा सके। वहीं छड़ियों का मैदान, नवाबपुरा लालबाग क्षेत्र में घनी आबादी के बीच 25 से 30 पीतल गलाने की भट्ठियों से अब ई-कचरा और प्लास्टिक जलाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इन भट्टियों से निकलने वाला धुआं आसपास रहने वाले परिवारों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। कई लोग सांस और दमा की बीमारी से पीड़ित हो गए हैं। स्थानीय निवासियों की मानें तो उन्होंने कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की, अधिकारी मौके पर भी आए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डीके गुप्ता ने बताया कि 15 दिन पहले मिली शिकायत पर कटघर कोतवाली क्षेत्र में आठ भट्ठियों को तोड़ा गया था और भट्ठी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इनके संचालन पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाएगा।
