यूपी में SIR प्रक्रिया तेज... 4.80 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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2003 की मतदाता सूची में नाम न होने से नहीं हो पायी थी मैपिंग। सॉफ्टवेयर मिलते ही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण जारी करेंगे नोटिस।

लखनऊ, अमृत विचार : जिला निर्वाचन कार्यालय राजधानी के करीब 4.80 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा। इन मतदाताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फार्म भरते समय 2003 की मतदाता सूची का विवरण नहीं भरा था, जिससे इनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। निर्वाचन आयोग से सॉफ्टवेयर मिलते ही सोमवार से निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करना शुरू कर देंगे। नोटिस जारी होने के एक हफ्ते में सुनवाई के दौरान इन मतदाताओं को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के सामने जवाब प्रस्तुत करना होगा।

माता-पिता या दादा-दादी में से किसी का देना होगा इपिक नंबर

मतदाताओं को 2003 की मतदाता सूची में नाम न होने का कारण बताने के साथ अपने माता-पिता, दादा-दादी में से किसी का इपिक नंबर, राज्य, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और बूथ का नाम भी देना होगा। जिससे मतदाता का उनसे मिलान किया जा सके।

महिला मतदाताओं के सामने आ रही समस्या

एसआईआर के दौरान राजधानी में विशेषकर महिला मतदाताओं के 2003 की मतदाता सूची में नाम न होने की समस्या थी। ये महिलाएं विवाह होने के बाद दूसरे जिले या राज्य से लखनऊ आ गयीं और यहां मतदाता बन गईं। विवाह से पूर्व उनके मूल निवास स्थल पर उनका 2003 की मतदाता सूची में नाम भी दर्ज नहीं था। या उस समय उनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण नहीं हुई थी। इससे एसआईआर फार्म में महिलाएं 2003 की मतदाता सूची का विवरण नहीं भर सकीं।

करीब 4.80 लाख मतदाताओं की एसआईआर फार्म में 2003 की मतदाता सूची का विवरण न मिल पाने से मैपिंग नहीं हो पाई है। इन मतदाताओं को जल्द ही नोटिस जारी करके जवाब देना होगा। माता-पिता या दादा-दादी में से किसी का इपिक नंबर देना होगा।

अभय किशोर, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, लखनऊ

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