महाराष्ट्र : हवाई संपर्क बाधित, पांच हजार उमरा जायरीन सऊदी अरब में फंसे 

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Published By Virendra Pandey
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मुंबई : खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच उड़ानों के निलंबित होने से महाराष्ट्र में मुंबई और अन्य हिस्सों से लगभग पांच हजार उमरा जायरीन सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, विशेष रूप से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ कथित हमले के कारण अनिश्चितता उत्पन्न हुई है और हवाई संपर्क बाधित हुआ है और जायरीनों की वापसी प्रभावित हुई है। 

सूत्रों के अनुसार, इनमें से अधिकतर जायरीनों ने अपनी 15 दिवसीय उमरा यात्रा पूरी कर ली थी और घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक परिचालन में बदलाव और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने के कारण वे वापस यात्रा करने में असमर्थ हैं। इनमें से कई लोग फिलहाल जेद्दा और मक्का में हैं और आगे के अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही रमजान के आखिरी दो अशरा के दौरान नए जायरीनों के प्रस्थान को भी रोक दिया गया है जिससे उमरा यात्रा की योजना बना रहे लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

अखिल भारतीय हज एवं उमरा यात्रा संघ के महासचिव इमरान अल्वी ने संवाददाताओं से कहा कि महाराष्ट्र के लगभग पांच हजार जायरीन वर्तमान में सऊदी अरब में उड़ानों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अगर अन्य राज्यों से आने वाले जायरीनों को भी शामिल किया जाए तो कुल संख्या और अधिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि स्थिति अभी अनिश्चित है और पर्यटन संचालक जायरीनों को नवीनतम घटनाक्रमों से अवगत कराने के लिए उनसे लगातार संपर्क में हैं।

 उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, एयर इंडिया, स्पाइसजेट, इंडिगो और अन्य एयरलाइनों द्वारा सऊदी अरब के लिए संचालित सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। इसी बीच, सऊदी अरब एयरलाइंस की आखिरी उड़ान आज दोपहर जेद्दा के लिए रवाना हुई, जिससे दोनों देशों के बीच उपलब्ध हवाई संपर्क और कम हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब में फंसे जायरीनों के लिए आवास एवं भोजन की व्यवस्था फिलहाल पर्यटन संचालकों और स्थानीय समन्वयकों द्वारा की जा रही है। उन्होंने हालांकि चेतावनी दी कि अगर हवाई सेवाएं जल्द ही शुरू नहीं हुईं तो वित्तीय एवं रसद संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। कई जायरीनों के परिवारों ने अधिकारियों से हस्तक्षेप करने और अपने परिजनों की सुरक्षित एवं शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। 

अल्वी ने आशा व्यक्त किया कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संकट का जल्द से जल्द समाधान हो जाएगा और हवाई उड़ानें शीघ्र ही फिर से शुरू हो जाएंगी जिससे सभी तीर्थयात्री सुरक्षित वापस लौट सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार राजनयिक स्तर पर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है और सकारात्मक समाधान की उम्मीद में संबंधित देशों के साथ संपर्क में है। इस बीच, मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में जायरीनों के परिवार बेसब्री से उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं, साथ ही उन्हें उम्मीद है कि सामान्य उड़ान सेवाएं जल्द ही फिर से शुरू होगी और उनके प्रियजन सुरक्षित घर लौटेंगे।

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