माघ मेले में छाया सेंट वाले बाबा का जादूः सेंट-भभूत से आशीर्वाद, वायरल भजन और अनोखी साधना से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
प्रयागराजः उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के संगम तट पर माघ मेले में अलग-अलग वेशभूषा और साधना पद्धतियों वाले बाबा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर केंद्र बन रहे हैं। इन्हीं अनोखे साधु-संतों में एक नाम इन दिनों खास चर्चा में है, सेंट वाले बाबा। नागा संन्यासी सेंट वाले बाबा माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-2 में अपनी कुटिया बनाकर साधना में लीन हैं। पूरे शरीर पर सेंट मिली भभूत लगाए, आंखों पर काला चश्मा और धुनी रमाते हुए बाबा दिनभर तपस्या करते नजर आते हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंच रहे हैं।
सेंट वाले बाबा का अनोखा अंदाज यह है कि वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते समय सेंट मिली भभूत और सेंट (इत्र/परफ्यूम) का प्रयोग करते हैं। बाबा बताते हैं कि यह सेंट वह मसान यानी श्मशान घाट से लाते हैं और भक्तों को प्रसाद स्वरूप में देते हैं। इसी वजह से लोग उन्हें सेंट बाबा कहने लगे।
बाबा कहते हैं कि उनके पास हमेशा सेंट से भरा पिटारा रहता है, जिसका उपयोग वह साधना और भक्तों के कल्याण के लिए करते हैं। मस्ती भरे स्वभाव वाले सेंट बाबा भजनों और गीतों के जरिए भी लोगों को संदेश देते हैं। उनका एक गीत इन दिनों खासा चर्चित है "फैशन चाहे जितना कर लो, चाहे मार लो सेंट, इस जगत में कोई न परमानेंट।" अपने भजनों, अनोखी साधना और सेंट मिली भभूत से आशीर्वाद देने के अंदाज के कारण सेंट वाले बाबा माघ मेले में श्रद्धा और जिज्ञासा का केंद्र बने हुए हैं।
