लखनऊ : मुख्यमंत्री से मिलीं कुलपति, केजीएमयू में कार्य बहिष्कार टला

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। नौ जनवरी को केजीएमयू कुलपति कार्यालय में हुए उपद्रव की सिलसिलेवार जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने धर्मान्तरण प्रकरण और उसके नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसटीएफ से जांच कराने की बात कही है। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थकों पर मुकदमा दर्ज कराने के मसले पर कुलपति के हस्तक्षेप के बाद केजीएमयू के विभिन्न संगठनों ने प्रस्तावित कार्यबहिष्कार एक दिन के लिए टाल दिया है।

कुलपति कार्यालय में तोड़-फोड़, महिला डॉक्टरों से अभद्रता के मसले पर केजीएमयू के डॉक्टर व कर्मचारियों में खासी नाराजगी है।

 सोमवार को सुबह संस्थान के डॉक्टर, कर्मचारी, रेजिडेंट, नर्सिग और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन ने बैठक की। इसमें उपद्रव करने वालों के खिलाफ चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज न होने पर नाराजगी जाहिर की। सभी संगठनों ने सर्व सहमति से मंगलवार को कार्यबहिष्कार का फैसला किया था। शाम को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सभी संगठनों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्य बहिष्कार वापस लेने की गुजारिश की। नाराज संगठन के पदाधिकारियों को समझाया। इसके बाद संगठनों ने कहा कि यदि बुधवार को मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ेगा। इसकी पूरी जानकारी पुलिस प्रशासन की होगी।

मुख्यमंत्री को सिलसिलेवार दी जानकारी

कुलपति ने मुख्यमंत्री को केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग के पूरे प्रकरण की सिलसिलेवार जानकारी दी। डॉ. सोनिया ने बताया कि यौन उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर विशाखा कमेटी गठित की थी। आरोपी रेजिडेंट डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया था। उसके परिसर में आने पर पाबंदी लगा दी गई थी। फिर उसका दाखिला रद्द करने व केजीएमयू से बर्खास्त करने की सिफारिश चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक से की गई है। मुख्यमंत्री ने विशाखा समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई और केजीएमयू की ओर से उठाए गए कदमों पर संतोष जाहिर किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जनवरी को कुलपति कार्यालय पर हुई घटना की वजह खुद जांच कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कुलपति के साथ ही सभी डॉक्टरों और कर्मियों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। इसे वह सुनिश्चित करेंगे। केजीएमयू की गरिमा को ध्यान में रखते हुए सभी को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए।

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