मकर संक्रांति पर संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब! अब तक 9.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु लगा चुके डुबकी, उत्साह चरम पर

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Published By Muskan Dixit
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प्रयागराज: आज 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व और षटतिला एकादशी एक साथ पड़ने से संगम नगरी प्रयागराज में भक्ति का माहौल चरम पर है। माघ मेला के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर सुबह से ही लाखों-लाख श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाकर लोग पापों से मुक्ति और अक्षय पुण्य की कामना कर रहे हैं।

सुबह के पहले प्रकाश के साथ ही घाटों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन यहां स्नान करने से हजारों यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है और जीवन में नई शुरुआत होती है। कल्पवासी, साधु-संत और आम श्रद्धालु सभी इस अवसर को बड़ी श्रद्धा से मना रहे हैं।

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मेला अधिकारी का अपडेट

माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया, “आज एकादशी होने के कारण भीड़ और भी ज्यादा है। सुबह 6 बजे तक ही 9.5 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। सभी घाटों पर लगातार स्नान जारी है। मुख्य स्नान आज है, लेकिन कल 15 जनवरी को भी बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए आएंगे। सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम हैं।”

पुलिस की निगरानी में कोई चूक नहीं  

एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने बताया कि मकर संक्रांति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सबसे ऊपर रखा गया है।  
- 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात  
- 22 PAC, 6 RAF, NDRF, ATS और सिविल पुलिस के जवान  
- जल पुलिस की लगातार नदी में पेट्रोलिंग  
- ड्रोन और सीसीटीवी से 24×7 निगरानी  

हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम तरीके से स्नान कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

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माघ मेला – मिनी कुंभ का आकर्षण 

माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। यह वह पर्व है जहां स्नान, दान, जप और तप से विशेष पुण्य प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी और कंबल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

ठंडी हवाओं और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। यह पर्व न सिर्फ पाप-मुक्ति का है, बल्कि जीवन में खुशियां, समृद्धि और नई उम्मीदों की शुरुआत का भी प्रतीक है।

 

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