Moradabad: भारत-जर्मनी समझौते से मुरादाबाद को मिलेगा नया वैश्विक मंच
मुरादाबाद, अमृत विचार। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत-जर्मनी के बीच पिछले दिनों हुए समझौते से मुरादाबाद को नया वैश्विक मंच मिलेगा। पिछले दिनों गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्ज़ के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद हुए 19 समझौतों से मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पीतल, एल्यूमिनियम और कांच के उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजार अब पहले से अधिक सुलभ होंगे।
इस समझौते से वीजा-मुक्त यात्रा से व्यापार मेलों में भाग लेना आसान होगा। अब मुरादाबाद के कारोबारी बिना वीजा के जर्मनी की अल्पकालिक यात्रा कर सकेंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संपर्क और नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी। मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ के अध्यक्ष नवेद उर रहमान ने कहा कि यह समझौते मुरादाबाद को वैश्विक मंच पर नई पहचान देंगे। हमें अब गुणवत्ता, समयबद्धता और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने बताया कि जर्मनी के साथ खनिज व्यापार सहयोग से पीतल, निकल और अन्य धातुओं की आपूर्ति में स्थिरता आएगी, जिससे उत्पादन लागत नियंत्रित होगी। तकनीकी साझेदारी से डिज़ाइन और गुणवत्ता में सुधार होगा। जर्मन तकनीक और डिजाइन सहयोग से यहां के उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा। भारत-जर्मनी रक्षा और रेलवे सहयोग से औद्योगिक हस्तशिल्प उत्पादों को नए कॉरपोरेट ऑर्डर मिल सकते हैं। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ते कदम मुरादाबाद के निर्यातकों के लिए शुल्क और नियमों की बाधाएं कम कर सकते हैं।
