कतकी मेले से नगर निगम को लगी 42 लाख की चपत, मियाद खत्म होने के एक हफ्ते बाद भी चल रहा मेला

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : गोमती तट पर चल रहे कतकी मेले के लिए 45 दिन की अनुमति समाप्त होने के एक हफ्ता बीतने के बाद भी मेले में दुकानें लगी हैं। मेला 7 जनवरी को समाप्त हो गया है इसके बाद भी ठेकेदार फर्म द्वारा एक हफ्ते बाद भी मेला संचालित किया जा रहा है। इससे नगर निगम को प्रतिदिन करीब 6 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश के बाद भी ठेकेदार मनमानी कर रहा है। बुधवार को नगर निगम की टीम मेला स्थल पर मेला खत्म होने का अनाउंसमेंट कराके वापस लौट आयी। जबकि मेला स्थल पर सैकड़ों की संख्या में दुकानें संचालित हैं। सूत्रों के अनुसार नगर निगम के अधिकारियों पर ऊपर से दबाव के कारण अवैध तरीके से मेला संचालित कर रहे ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मेला स्थल पर 8 जनवरी से दुकानें और मेला हटाने की कार्रवाई शुरू हो जानी चाहिए थी। इसके बाद भी नगर निगम के जिम्मेदार अवैध तरीके से संचालित मेला देखने तक नहीं पहुंचे। बुधवार को नगर आयुक्त की संख्ती के बाद मौके पर नगर निगम और पुलिस की टीम ने मेला खत्म होने की सूचना देने के साथ दुकानें हटाने की घोषणा की। यदि ठेकेदार गुरुवार से मेले का संचालन बंद कर देगा तब भी दुकानें हटने में एक हफ्ता लग जाएगा। ठेकेदार ने करीब 15 दिन मेले का अतिरिक्त संचालन किया।

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