Bareilly : पशुपति विहार...बरसात ही नहीं आम दिनों में भी जलभराव
बरेली, अमृत विचार। पीलीभीत बाईपास रोड पर स्थित पशुपति विहार कालोनी जलभराव की समस्या से वर्षों से जूझ रही है। बारिश ही नहीं आम दिनों में भी सड़कों पर पानी भरा रहता है। कीचड़ और गंदे पानी से गुजरना होता है। बारिश में तो हालत बेहद खराब हो जाते हैं। कॉलोनी के वाशिंदों ने नगर निगम से लेकर प्रशासन के अफसरों तक से कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
नगर निगम के वार्ड संख्या 75 स्थित पशुपति नाथ मंदिर नाथ कारिडोर में शामिल है। मंदिर को जाने वाला मार्ग समेत समूचा मोहल्ला मुख्य सड़क के तल से बहुत नीचे बसा है। मोहल्ले की नालियों का पानी नाले तक पहुंचाने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इससे आम दिनों में भी सड़कों पर नालियों का गंदा पानी और कीचड़ जमा रहता है। बारिश के दिनों में इस रिहायशी कालोनी के हालात और भयावह हो जाते हैं। सड़कों पर घुटनों तक गंदा पानी भरा रहता है। आवाजाही पूरी तरह बाधित हो जाती है। पशुपति नाथ मंदिर के प्रमुख मार्ग पर सामान्य दिनों में भी जलभराव रहता है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नालियां सड़क के बराबर होने से नालियों में पानी आते ही सड़क पर फैलने लगता है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि जलभराव की समस्या को लेकर नगर निगम ने एक वर्ष पूर्व मोहल्ले में पंप लगवाया था। पंप को एक से दो घंटे बाद चलाकर गलियों का पानी नाले में छोड़ा जाता है। यदि पंप न चलाया जाए तो गलियां तालाब में परिवर्तित होने लगती हैं। इसे लेकर कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। प्रशासन की बेरुखी से परेशान होकर कुछ लोगों ने आपस में चंदा जुटाकर कुछ दूरी की सड़क को मरम्मत कराकर ऊंचा कराया, लेकिन यह उपाय भी अस्थायी साबित हुआ। लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही हालात फिर बिगड़ जाएंगे। कुछ लोगों ने बताया कि पानी का निकास न हो पाने से पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। समस्या का समाधान न होता देख कुछ लोग थक हारकर अपना मकान बेचकर अन्य मोहल्लों में जाकर बस गए हैं। मोहल्ले में जलभराव की समस्या के कारण लोग किराए पर कमरा लेने से कतराते हैं।
लोगों का कहना है कि प्रमुख सड़क से निचाई होने के कारण मोहल्ले में जलभराव की समस्या बनी रहती है। इस समस्या को लेकर मोहल्लेवासियों ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। पशुपति विहार निवासी शमीम खान ने बताया कि एक वर्ष पूर्व नगर निगम ने पम्प लगवाया था, ताकि नालियों का पानी नाले में छोड़ा जा सके। यदि एक से दो घंटे के बीच पंप न चले या खराब हो जाए तो स्थिति बद से बदतर हो जाती है। नदीम के मुताबिक मोहल्ले में कुछ लोगों ने चंदाकर सड़क ऊंची करा ली है। इससे उन्हें सामान्य दिनों में आराम मिल जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में समूची कालोनी ही जलभराव की समस्या से जूझती है। आरिफ ने बताया कि बारिश के दिनों में स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रमुख सड़क तक पहुंचाने के लिए अत्यधिक परिश्रम करना पडता है। स्कूल की वैन के चालक कालोनी में आने से इनकार कर देते हैं।
