Moradabad: आवारा कुत्ते पकड़ने में न बरते, लापरवाही, होगी कड़ी कार्रवाई
मुरादाबाद, अमृत विचार। अभी तक आवारा कुत्तों के काटने पर पीड़ित एआरवी का इंजेक्शन लगवाकर और इलाज कराकर इससे छुटकारा पा रहा था। आवारा कुत्तों द्वारा लोगों को काट कर जख्मी करने पर अभी तक शहरी निकाय गंभीरता नहीं दिखा रहीं थीं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा मंगलवार को दिए हालिया आदेश के बाद उनकी टेंशन बढ़ गई है।
क्योंकि अब सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के काटने से हुए पीड़ित के इलाज व हर्जाना का दायित्व राज्य सरकारों पर डालने की बात कही है। सरकार को इसका हर्जाना भी देना होगा। इसे लेकर आवारा कुत्तों को पकड़ने में ढिलाई न करने का निर्देश दिया है।साथ ही लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
महानगर में भी सार्वजनिक स्थानों व सड़कों व कॉलोनियों की गलियों में कुत्तों का झुंड विचरण करता है। यह लोगों पर झपट कर काट कर उन्हें जख्मी कर देते हैं। इससे पीड़ित प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज जिला अस्पताल व निजी क्लीनिकों में एआरवी का इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। कई बार गंभीर रूप से जख्मी पीड़ितों की जान पर बन आती है। तो कई बार कुत्तों के चलते सड़क हादसे भी होते हैं जिनमें लोगों की जान भी जोखिम में आ जाती है।
अभी तक नगर निकायों के लिए केवल नियम बनाकर सरकारें निश्चिंत रहती थीं। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से उनको हर्जाना और इलाज के जिम्मेदार ठहराया गया है। जिसके बाद शहरी निकायों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। महानगर में नगर निगम की ओर से एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। जहां आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनका नसबंदी कर फिर उसी क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। हालांकि यह भी अभियान नियमित रूप से नहीं चल रहा है। मगर अब नगर निगम व अन्य नगरीय निकायों को इस दिशा में गंभीर और ठोस कदम उठाना होगा।
नगर आयुक्त ने स्वान को पकड़ने के लिए बनाए गए टीम में शामिल कर्मचारियों को नियमित रूप से अभियान जारी रखने का निर्देश दिया है। आवारा कुत्तों को पकड़ने में ढिलाई न करने का निर्देश दिया है। कहा कि लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
