बाराबंकी : पुलिस कार्रवाई से भड़के वकीलों ने फिर घेरा टोल प्लाजा, खोल दिए बूम बैरियर, बिना टोल दिए गुजरे वाहन
हैदरगढ़/बाराबंकी, अमृत विचार। गुरुवार दिन में कई मांगों पर आश्वासन के बाद माने वकील शाम को फिर टोल प्लाजा पर जुटे और विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। दर्ज मुकदमे में अन्य धाराओं के बजाय शांतिभंग में आरोपियो को जेल भेजे जाने से भड़के वकील कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। देर शाम बची धाराओं में भी कार्रवाई के आश्वासन पर वकील शांत हुए।
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे स्थित बारा टोल प्लाजा पर बुधवार दोपहर टोल कर्मियों ने एक अधिवक्ता के साथ मारपीट की थी। इस मामले ने तूल पकड़ा और बड़ी संख्या में वकील कोतवाली में जमा हो गए। पीड़ित की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने व तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वकील शांत हुए। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर अधिवक्ताओं का आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन किया और टोल प्लाजा के सभी बैरियर खोल दिए।

हंगामे के बीच टोल कर्मी व अधिकारी मौके से फरार हो गए, नतीजा यह कि स्टाफ के अभाव में लखनऊ–सुलतानपुर हाईवे पर वाहनों का आवागमन बिना टोल के जारी रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस के साथ ही कई थानों की फोर्स, पीएसी के जवान मौके पर पहुंच गए। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा और कोतवाल ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी पहुंचे।
टोल मैनेजर की गिरफ्तारी हो गई, वहीं स्थानीय वकीलों के लिए टोल फ्री करने के दिलासे पर वकील मानकर वापस चले गए। अभी शांति छाई ही थी कि बार कौंसिल के सदस्य अखिलेश अवस्थी, कुलदीप नारायन मिश्र स्थानीय बार पदाधिकारियों के साथ फिर टोल प्लाजा पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। बार महामंत्री सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि पुलिस ने कई धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया लेकिन केवल शांतिभंग की धारा में चालान किया गया। यह अधिवक्ता समाज के साथ मजाक नही तो और क्या है।

प्रयागराज के वकीलों की हुई थी पिटाई
प्रतापगढ़ जनपद के थाना हथिगवां क्षेत्र के परानूपुर गांव निवासी रत्नेश शुक्ला पुत्र नर्मदा प्रसाद, इलाहाबाद उच्च न्यायालय प्रयागराज में अधिवक्ता हैं। बुधवार दोपहर वह अपने अन्य साथियों दिवाकर पांडेय, रितुराज दुबे और आदर्श दुबे के साथ कार से लखनऊ हाईकोर्ट जा रहे थे। बारा टोल प्लाजा पर उनकी कार में वार्षिक टोल पास रखा हुआ था। वाहन नंबर के आधार पर शुल्क काटने की बात पर टोल कर्मियों से विवाद हो गया।
आरोप है कि टोल कर्मी लवलेश निवासी गोतौना, रवि तोमर, विश्वजीत, गोलू कुमार समेत अन्य अज्ञात लोगों ने अधिवक्ता पर हमला कर दिया। मारपीट में अधिवक्ता बेहोश हो गए। सोने की दो अंगूठियां, एक चेन, घड़ी और पर्स छीनने का भी आरोप है। घटना की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा और कोतवाली पहुंचकर मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि दर्ज मुकदमे के सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। संबंधित एजेंसी पर भी कार्रवाई के लिए एनएचएआई को पत्राचार किया गया है। शांति व्यवस्था बहाल है।
