अधिवक्ता पिटाई मामला : वकीलों ने किया एसपी कार्यालय का घेराव, अशांत टोल प्लाजा विवाद पर माहौल गर्म

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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हैदरगढ़, बाराबंकी, अमृत विचार। प्रयागराज उच्च न्यायालय के अधिवक्ता की पिटाई का मामला शुक्रवार को भी गर्म रहा। जिला मुख्यालय पर वकीलों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया तो एसपी ने बाहर आकर कड़ी कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। उधर बारा टोल प्लाजा विरोध प्रदर्शन का केन्द्र बना रहा। पूरे दिन भारी संख्या में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में वहां मौजूद वकीलों के अलावा आ जा रहे अधिवक्ता नारेबाजी, बयानबाजी के साथ ही मांगें दोहराते रहे।

36 घंटे बाद भी टोल प्लाजा खुला रहा और हजारों की संख्या में वाहन बिना टोल दिए गुजरते रहे। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में बारा टोल प्लाजा पर वकील की पिटाई के मामले को लेकर शुक्रवार को लखनऊ के अधिवक्ता देवकी नंदन पांडेय, अनिल मिश्रा आदि अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय घेर लिया।

नारेबाजी के बीच एसपी अर्पित विजयवर्गीय बाहर निकले और अधिवक्ताओं से कहा कि पुलिस महकमा उनके साथ हैं, टोल मैनेजर और कर्मचारियों पर हत्या के प्रयास की धारा में कार्रवाई की जाएगी। वकीलों की मांग कि गैंगस्टर के साथ एनएसए की कार्रवाई हो, पर एसपी ने आश्वासन दिया है। इसके बाद वकील यहां से चले गए।

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उधर बारा टोल प्लाजा पर पूरे दिन माहौल गर्म रहा। यहां पर मौजूद स्थानीय व बाहरी जैसे प्रयागराज, रायबरेली, लखनऊ के अधिवक्ताओं का जमावड़ा रहा। अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट, वकीलों को फ्री टोल की मांगों को लेकर नारेबाजी हुई, वहीं मीडिया में बयानबाजी भी होती रही। दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन व टोल प्लाजा के माहौल को लेकर हैदरगढ़, रामसनेहीघाट कोतवाली पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी मौजूद रही।

देर शाम पिटाई का शिकार हुए वकील रत्नेश शुक्ल को टोलकर्मी रवि तोमर के पिता की ओर से मोबाइल पर धमकी दिए जाने की खबर फैली तो टोल प्लाजा पर एकत्र वकीलों ने आक्रोश जाहिर करते हुए नारेबाजी शुरु कर दी, मौजूद एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, सीओ समीर सिंह इन्हे समझाते नजर आए। अधिवक्ता रत्नेश का कहना है कि धमकी में कहा गया कि जो करोड़ों खर्च कर टोल प्लाजा चला सकता है, वह कुछ रुपये खर्च कर हत्या भी करवा सकता है। इससे वकीलों में नाराजगी और बढ़ गई है।

बिना कर्मी टोल प्लाजा से गुजर रहे वाहन

गुजरे 36 घंटे से टोल प्लाजा पर टोल वसूलने व आनलाइन जमा कराने के लिए कोई कर्मी नहीं है। हालांकि प्रशासनिक भवन में स्टाफ अपना काम कर रहा है लेकिन उनकी हाजिरी वहीं तक है, वहीं बूम बैरियर न होने की वजह से कोई रोक टोक नहीं है और हजारों वाहन गुजरते जा रहे हैं। एक अनुमान के तहत इस टोल से होकर प्रतिदिन करीब दस हजार वाहन गुजरते हैं, इस तरह तीसरे दिन तक करीब तीस हजार वाहन बिना टोल दिए गुजर गए। इससे टोल संचालक एजेंसी को लाखों का नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही।

टोल संचालक एजेंसी पर गिरी गाज, अनुबंध समाप्त

वकील पिटाई प्रकरण में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद टोल मैनेजर समेत पांच लोगों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं टोल संचालक एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनएचएआई से पत्राचार किया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनएचएआई ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दिया है। मेसर्स स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त होने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई प्रस्तावित है। यही नहीं एजेंसी को एक वर्ष के लिए एनएचएआई की किसी भी बोली में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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