Moradabad: मनचाहा खाया और दवाओं में लापरवाही से गड़बड़ाया शुगर-बीपी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। ठंड में गजक, लड्डू और पकौड़े खाए... दवाएं भी नियमित नहीं लीं। इससे रक्तचाप और ग्लूकोज का स्तर गड़बड़ा गया। साथ ही लकवे भी दिक्कत हो रही है। परेशानी बढ़ने पर मरीज डॉक्टरों को दिखाने पहुंच रहे हैं। हैं। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में ऐसे 40 फीसदी मरीजों में मधुमेह और रक्तचाप अनियंत्रित मिल रहा है।

मेडिसिन विभाग की ओपीडी में डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि सर्दी में लोग चिकनाई युक्त भोजन और मिठाई का सेवन अधिक करते हैं। शारीरिक गतिविधियां भी सीमित हो जाती हैं। ऐसे में इलाज के लिए आ रहे मरीजों की जांच कराने पर उनका ग्लूकोज और रक्तचाप बढ़ा हुआ मिल रहा है। कई मरीज दवाओं को नियमित भी नहीं ले रहे हैं। ओपीडी में 40 फीसदी मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनमें भोजन के बाद ग्लूकोज का स्तर 250 एमजी/डीएल और रक्तचाप 150/170 एमएमएचजी तक मिल रहा है। इनकी दवाएं एडजस्ट करने के साथ खानपान सुधारने और नियमित व्यायाम करने पर जोर दे रहे हैं। बताया कि रक्तचाप के तेजी से बढ़ने के कारण लकवा की शिकायत भी मिल रही है। इनमें अधिकांश मरीजों ने दवाएं लेना बंद कर दिया था।

हृदय, उच्च रक्तचाप और मधुमेह रोगी रोजाना जांचे बीपी
उन्होंने बताया कि हृदय, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीज रोजाना बीपी जांच करें। ऊपर वाला माप (सिस्टोलिक) 100-140 तक रहे और नीचे वाला (डायस्टोलिक) 90 से अधिक नहीं होना चाहिए। अगर दो-तीन दिन बीपी अनियंत्रित हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श कर दवाएं एडजस्ट करा लें। सुबह का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर ही टहलने जाएं, नहीं तो घर में ही व्यायाम करें। पूरे दिन में 2-4 ग्राम ही नमक उपयोग करें। तला हुआ भोजन और मीठे से बचें। बीपी की दवाएं कतई बंद नहीं करें। सुबह लेना भूल भी जाएं तो रात की दवा जरूर लें।

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