कानपुर : आंखों से दर्ज हुई उपस्थिति, पहली पाली में 7 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी सहायक अध्यापक की परीक्षा
कानपुर, अमृत विचार। सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी परीक्षा शनिवार को शहर के 39 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई। परीखा के दौरान इस बार परीक्षार्थियों की रेटिना से उनकी पहचान कर उपस्थिति दर्ज की गई। खास बात यह रही कि परीखा की पहली पाली में लगभग 7 हजार परीक्षार्थी गैर-हाजिर रहे। परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र को औसत बताया। भूगोल के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों का अधिक समय लिया।
शहर में दो पालियों में हुई परीक्षा के लिए भोर से ही परीक्षार्थी केंद्र तक पहुंचने लगे थे। सबसे अधिक परीक्षार्थी बीएनएसडी इंटर कॉलेज व डीएवी कॉलेज परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने पहुंचे। ज्यादातर परीक्षार्थियों बाहरी जिलों के होने के चलते उनके साथ उनके अभिभावक भी परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केंद्र में प्रवेश दिया गया।
प्रपेश के दौरान तलाशी ली गई, केंद्र के भीतर उनके रेटिना के जरिए जांच कर उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान पहली पाली में कुल अभ्यर्थी 16,757 पंजीकृत रहे, जिनमें 9676 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। पहली पाली में 7081 परीक्षार्थी अनुस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में कुल अभ्यर्थी 15152 पंजीकृत रहे। इनमें 7968 उपस्थित जबकि 7184 परीक्षार्थियों को अनुपस्थित घोषित किया गया।
परीक्षा केंद्र पहुंचने में कोई तकलीफ नहीं हुई। मौसम की वजह से कोहरे ने परेशान किया। परीक्षा केंद्र में आंखों की जांच कर उपस्थिति दर्ज हुई है। प्रश्न पत्र में औसत सवाल थे, उन्हें हल करने मे कोई परेशानी नही हुई... जगदीश प्रसाद, परीक्षार्थी।
बॉयलॉजी के सवाल थोड़े से परेशान करने वाले थे। उन्हें हल करने में परेशानी साबित हुई। परीक्षा केंद्र में किसी तरह की कोई खास परेशानी नही हुई। परीक्षार्थियों को इस बार काफी सुविधा दी गई है... आशुतोष सिंह, परीक्षार्थी।
परीक्षा के दौरान भूगोल के सवालों को हल करने में परेशानी हुई। काफी उलझाऊ सवाल थे। इससे काफी समय खराब हो गया। इसके अलावा प्रश्न पद्ध सामान्य कहा जाएगा। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई.. अमर सिंह, परीक्षार्थी।
प्रश्न पत्र मिलाजुला रहा। कुछ सवाल कठिन तो कुछ काफी सरल थे। जिस भी परीक्षार्थी ने मन लगाकर पढ़ाई की हो तो उसके लिए प्रश्नपत्र सामान्य था। केंद्र तक पहुंचने में बाहर के लोगों को काफी परेशानी हुई... अमन कुमार सोनकर, परीक्षार्थी।
