कानपुर हैलट : निरीक्षण में प्राचार्य को पर्चे पर लिखी मिली बाहर की दवा और जांच, डॉक्टर पर होगी कार्रवाई
कानपुर, अमृत विचार। हैलट अस्पताल में सरकारी पर्चे पर बाहर की दवा और जांच लिखे जाने की जानकारी पर शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला खुद ओपीडी पहुंचे, यहां पर उन्होंने मरीजों से पर्चे लेकर उसमे लिखीं दवा और जांचों की लिस्ट चेक की। यह देख मेडिसिन विभाग, ईएनटी, दंत रोग विभाग, अस्थि रोग और नेत्र रोग विभाग के पास मौजूद एमआर भाग गए। गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कहीं है।
शहर के लालबंगला निवासी दीपक कुमार ने शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला को पत्र लिखा, जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि पत्नी अन्नू को हार्निया की समस्या है और वह सर्जरी में भर्ती है, ऑपरेशन होना है। लेकिन ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या होने पर ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था, जिसके लिए सर्जरी के डॉक्टरों ने मेडिसिन विभाग में डॉक्टर के पास सलाह के लिए भेजा।

दीपक का आरोप है कि जब वह ओपीडी में डॉ. ब्रजेश कुमार के पास पहुंचे तो उन्होंने परामर्श तो दिया, लेकिन जांच के लिए सर्वोदय नगर स्थित आरटीओ कार्यालय के पास एक निजी पैथोलॉजी में जाने की सलाह दी। जब उन्होंने पूछा कौन-कौन सी जांचें करानी है तो डॉक्टर ने पर्चे पर एक मोबाइल नंबर लिख दिया और बोला कि वहां पर पहुंचकर बात करवा देना, सब बता दिया जाएगा। दीपक के इतना बताने पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला डॉ.ब्रजेश कुमार की ओपीडी के बाहर पहुंचे और अंदर से परामर्श लेकर निकल रहे मरीजों से पूछताछ की और पर्चे चेक किए।
रसूलाबाद की साधना और ककवन के दीपू ने बताया कि डॉक्टर ने पर्चे पर जांच नहीं लिखा है, बल्कि एक नंबर लिखा और निजी पैथोलॉजी में पहुंचकर उस नंबर पर बात कराने को बोला है। जब प्राचार्य ने पर्चे चेक किया तो उसमे कोई जांच नहीं लिखी थी, सिर्फ एक मोबाइल नंबर और कुछ दवाएं लिखी थी।
यहां पर मरीजों की ब्लड प्रेशर तक चेक नहीं किया गया था। यह देख प्राचार्य ने काफी नाराजगी व्यक्त की। जबकि मामले में डॉ.ब्रजेश कुमार का कहना है कि उन्होंने मरीजों को हैलट परिसर में बनी पैथोलॉजी में जांच के लिए भेजा था। पर्चे पर नंबर इसलिए लिखा था, ताकि अगर पैथोलॉजी न मिले तो वह कॉल कर पूछ सके।
छह माह पहले डॉ. ब्रजेश को दी जा चुकी चेतावनी
प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि बाहर की दवा और जांच लिखे जाने के मामले में मेडिसिन विभाग के डॉ.ब्रजेश कुमार का नाम पहले भी प्रकाश में आया था, तब उनको चेतावनी दी थी, लेकिन अब फिर से उनके खिलाफ बाहर से जांच लिखे जाने की शिकायत आईं है। इसके अलावा मेडिसिन वार्ड में जिस रेजिडेंट्स द्वारा लावारिस मरीज की गलत पीआई बनाकर भेजी गई थी, वह भी डॉ.ब्रजेश कुमार की यूनिट का ही था। मामले के संबंध में शासन को पत्र लिखा जाएगा और उनको हटाने की मांग की जाएगी, ताकि भविष्य में मेडिकल कॉलेज के कोई भी डॉक्टर इस गलती को दोहरा न सके।
ओपीडी में तैनात किए जाएंगे दो फार्मासिस्ट
ओपीडी में आने वाले मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने पर लगाम लगाने के लिए प्राचार्य प्रो.संजय काला ने एक योजना तैयार की है। उन्होंने दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण कर मौजूद फार्मासिस्टों को निर्देश दिया है कि अब दो फार्मासिस्टों की ड्यूटी ओपीडी में लगाई जाएगी, जो मरीजों को ओपीडी से दवा कक्ष तक जाने का रास्ता बताएंगे। पर्चे पर लिखीं दवा अगर हैलट प्रशासन के पास नहीं है, उसकी जानकारी प्रमुख अधीक्षक डॉ.आरके सिंह और प्राचार्य प्रो. संजय काला को देंगे। प्राचार्य ने कौन से दो फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगाई जाएगी, उनकी लिस्ट वरिष्ठ फार्मासिस्ट से मांगी है।
