सड़कों पर खत्म होगा 'जाम का झाम': गोमती किनारे बनेगी नई सड़क, पिपरा घाट से आर्मी लैंड तक निर्माण को शासन की हरी झंडी

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Published By Muskan Dixit
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86.36 करोड़ की परियोजना, 30.22 करोड़ की पहली किस्त स्वीकृत

लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने शनिवार को गोमती नदी के दाएं तट पर पिपरा घाट से आर्मी लैंड तक सड़क निर्माण परियोजना को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 86.36 करोड़ रुपये तय की गई है, जबकि 30.22 करोड़ रुपये की पहली किस्त चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में जारी करने की मंजूरी दी गई है।

इस संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस सड़क के निर्माण से लखनऊ शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। खासकर गोमती नगर, इंदिरा नगर और आसपास के क्षेत्रों को एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग मिलेगा, जिससे मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना को राजधानी के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शासनादेश के अनुसार, परियोजना का क्रियान्वयन लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। निर्माण कार्य 18 माह के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा, ताकि समय और लागत में वृद्धि न हो। सड़क, पुलिया, ड्रेनेज और रोड सेफ्टी से जुड़े सभी निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) और लोक निर्माण विभाग के निर्धारित मानकों के अनुसार कराए जाएंगे। प्रस्तावित सड़क गोमती नदी के किनारे बनाई जानी है, इसलिए निर्माण से पहले सिंचाई विभाग से आवश्यक अनुमति और अनापत्ति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके लिए उपाध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी निगरानी में पूरा निर्माण कार्य कराया जाएगा। साथ ही सभी पर्यावरणीय स्वीकृतियां लेना भी अनिवार्य किया गया है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल इसी परियोजना पर किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा में उपयोगिता प्रमाणपत्र शासन को उपलब्ध कराना होगा। यह परियोजना राजधानी में सुनियोजित विकास और यातायात सुधार की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

परियोजना की प्रमुख बातें

• परियोजना: पिपरा घाट से आर्मी लैंड तक सड़क निर्माण

• कुल लागत: 86.36 करोड़ रुपये

• पहली किस्त: 30.22 करोड़ रुपये (वित्तीय वर्ष 2025–26)

• कार्यदायी संस्था: लखनऊ विकास प्राधिकरण

• निर्माण अवधि: 18 माह

• लाभ: यातायात जाम से राहत, वैकल्पिक मार्ग और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार

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