ठंड और पाले से आलू की फसल पर लगा झुलसा रोग... पिछले वर्ष की अपेक्षा फसल कम होने की उम्मीद
(निर्मल सैनी), लखनऊ, माल, अमृत विचार: बढ़ती ठंड और गिरते पाले से आलू की फसल में झुलसा रोग लग गया है। किसान चिंतित हैं। इस रोग से पौधा मुरझा गया है। पौधे के अंदर उसकी नसों में पानी जम जाता है। जिससे नसें काली पड़ गई है। पौधा पूरी तरह से मुरझा गया है।
सर्दी के साथ ही आलू की फसल पर खतरा मंडरा रहा है।लगातार कोहरा और गलन के चलते आलू की फसल में झुलसा रोग लग गया है। ऐसे में किसानों को बड़ा नुकसान होने का डर सता रहा है।माल क्षेत्र के किसानों के लिए आलू एक प्रमुख फसल है। आलू की कीमत सही रहने के चलते किसानों को इस फसल के फायदे की उम्मीद है लेकिन मौसम की मार से अब आलू की फसल में उन्हें नुकसान होने की आशंका सताने लगी है।दरअसल लगातार ठंड पड़ रही है लेकिन उससे भी ज्यादा पाला गिरने से समस्या खड़ी हो गई है। किसान रमेश यादव बताते हैं कि ऐसे में पाला गिरने से आलू की फसल में झुलसा रोग लग गया है। आलू में नुकसान होना स्वाभाविक है। झुलसा रोग से यह है नुकसान आलू का सबसे बड़ा रोग झुलसा रोग होता है। इसमें सर्दी के चलते आलू के पत्ते और तना झुलसकर गलने लगते हैं। इससे आलू का विकास रुक जाता है। ऐसे में आलू पूरी तरह से खराब हो जाती है।
किसान हरिशंकर मौर्य का कहना है कि,पाला को देखकर उनके हौसले पस्त हो रहे है। सुबह किसान खेतों में पहुंचते है, तो फसलों के पत्ते हरे के बजाय काले - सफेद मिलते हैं। इससे फसलों में काफी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है।
इस संबंध में माल सहायक विकास अधिकारी(कृषि)सिकंदर यादव ने बताया कि आलुओं में एम 45 का स्प्रे कर देंगे,यह रोगों से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है।
