मौनी अमावस्या : 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने किये रामलला के दर्शन, सरयू में आस्था की डुबकी, हनुमानगढ़ी में कतार
अयोध्या, अमृत विचार। मौनी अमावस्या पर राम नगरी में भी श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्ममुहुर्त में रविवार सुबह चार बजे से सरयू नदी में स्नान किया। राममंदिर में 2.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किया। हनुमानगढ़ी मंदिर में भी लम्बी कतार रही।
श्रद्धालुओं ने नागेश्वर नाथ, कनकभवन में भी दर्शन-पूजन और दान पुण्य किया। अमावस्या के पवित्र तिथि पर सरयू के तट पर साधक संत मौन व्रत रखकर अनुष्ठान पूर्ण कर रहे हैं। कहा जाता है कि मौनी अमावस्या को पवित्र नदियों में स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार संगम स्नान के बाद सरयू स्नान को पुण्य अर्जन का सबसे बड़ा साधन मानते हैं।
जिसके मान्यता से ओतप्रोत प्रयागराज में संगम स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में डुबकी लगाने पहुंचे। रामपथ और जन्मभूमि पथ पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए सुरक्षा अधिकारी ग्राउंड जीरो पर उतर कर मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहे थे। इसके साथ ही सुरक्षा की सभी एजेंसियां लगाई गईं।
एसपी सुरक्षा बालरामाचारी दुबे ने बताया कि प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दृष्टिगत अयोध्या में दर्शनार्थियों काफी अधिक संख्या आ रही है, जिसको लेकर राम मंदिर में सुरक्षा की सभी एजेंसियां और एसएसएफ, पीएसी, सीआरपीएफ लगी हुई है। और सभी दर्शनार्थियों को सुविधा पूर्वक दर्शन कराया जा रहा है। सुरक्षा के जो मानक है उसको भी ध्यान में रख के हम लोग चारों तरफ जवान तैनात हैं।
दर्शन मार्ग पर परिसर में भी अच्छी बैरीकेटिंग की गई है। लोगों को निर्धारित लेन में चलने के लिए बताया जाता है। पीएफसी पर उनके समान जमा कराने के बाद दर्शन के लिए आगे भेजा गया। बताया कि प्रवेश और निकास के मार्गों को अलग-अलग रखा गया है।
सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रही रोक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मौनी अमावस्या स्नान को लेकर रामनगरी कड़ी सुरक्षा के घेरे में रही। सरयू स्नान घाट से लेकर रामपथ व प्रमुख मठ मंदिरों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। रामनगरी में वाहनों के प्रवेश पर रोक रही, बाहर से आने वाले वाहनों को शहर के किनारों पर बने पार्किंग स्थलों पर रोका गया। शहर के अंदर भी यातायात डायवर्जन लागू रहा। स्नान घाट व नदी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एसडीआरएएफ, जल पुलिस, पीएसी बाढ़ राहत दल की टुकड़ियां तैनात रही, जो सीटी बजाकर व पीएएस के माध्यम से एनाउंस कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकती रही।
रामपथ समेत नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन व अन्य प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रही। राम की पैड़ी पर बने मेला कंट्रोल रूम में सीसीटीवी के माध्यम से मेला क्षेत्र की निगरानी की गई। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, अर्धसैनिक बलों के साथ एटीएस की भी तैनाती की गई थी। सभी जोन व सेक्टर प्रभारी अपने अपने क्षेत्र में तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन के आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
